भोपाल। न्यू मार्केट में नगर निगम की फायर ब्रिगेड से महिला के घायल होने का मामला अब निगम की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रहा है। 16 अक्टूबर 2026 को आग से बचाव के लिए की जा रही मॉक ड्रिल के दौरान दमकल वाहन की चपेट में आने से महिला के पैर में गंभीर चोट आई। घटना खेड़ापति हनुमान मंदिर के पास हुई।
मॉक ड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ी महिला के पैर पर चढ़ गई। हादसे में महिला के पति भी चोटिल हो गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों और लोगों ने नाराजगी जताई और नगर निगम की टीम का विरोध किया।
हादसे के बाद अब पीड़ित परिवार ने नगर निगम के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। नवभारत की टीम ने पीड़ित महिला और उनके पति से बात की तो महिला ने आरोप लगाया कि किसी अधिकारियों ने उनसे मुलाकात नहीं की और न ही आर्थिक सहायता को लेकर कोई आश्वासन दिया।
वहीं नगर निगम के पूर्व एडीएम जी.पी. माली ने भी नगर निगम के इस रवैये पर सवाल खड़े किए और इस हादसे का जिम्मेदार नगर निगम को ठहराया।
डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर भुवन गुप्ता ने इस घटना को लेकर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि नगर निगम इस घटना की जांच करेगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले पर पुलिस ने बताया कि चालक की गलती के चलते यह हादसा हुआ और उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल है कि हादसे के बाद घायल महिला की सुध लेने की जिम्मेदारी किसकी थी? क्या नगर निगम इन आरोपों पर जवाब देगा और पीड़ित परिवार को कोई सहायता मिलेगी?
