
सिंगरौली । सरई रेलवे स्टेशन पर बने कोलयार्ड यहां के रहवासियों के लिए आफत बन गया है। तीन महीने पहले सांसद ने निरीक्षण कर आश्वस्त किया था कि यहां से कोलयार्ड हटा दिया जाएगा और यहां की स्थिति और भी बद से बद्तर होती जा रही है।
दरअसल रेलवे स्टेशन सरई के यात्री प्लेटफॉर्म क्रमांक-2 पर रेलवे की मंजूरी के बाद कोलयार्ड बना दिया गया है। यहां पर पर्यावरण प्रदूषण विभाग ने साल में 4.80 लाख मेट्रिक टन कोयले की लोडिंग एवं परिवहन करने का अनुमति दिया है, लेकिन यहां के रहवासियों का आरोप है कि सालाना 25 से 30 लाख मेट्रिक टन का भंडारण और लोडिंग तथा परिवहन किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन से करीब आधा दर्जन कंपनियों में कोयला परिवहन किया जा रहा है। यहां के रहवासियों का आरोप है कि रेलवे स्टेशन पर कोलयार्ड बनाने से कोयले के डस्ट का भरमार लगा रहता है और यहां के रहवासियों का जीवन दुस्वार हो गया है। घरों के छत, दिवाल, खिड़की व खपड़ैल मकान में केवल कोयले का डस्ट ही नजर आता है। इससे तरह-तरह के बीमारियों से लोग ग्रसित हो रहे हैं। रहवासियों का आरोप है कि तीन महीने पहले सांसद डॉ. राजेश मिश्रा सरई रेलवे स्टेशन पहुंच कोलयार्ड का मुआयना किया था और उनके द्वारा आश्वासन दिया गया था कि कोलयार्ड यहां से हटेगा, परंतु सांसद के यहां से जाने के बाद रेलवे स्टेशन पर कोयले का भंडारण और भी तेजी से शुरू हो गया है।
इनका कहना:-
2023 से यह देखा जा रहा है कि जितने भी जनप्रतिनिधि आ रहे हैं, इस कोलयार्ड को अभी तक नही हटा पाए। हटाना है कि नही, यह कोई जरूरी नही है, लेकिन विस्थापित यहां से जरूर करें। क्योंकि यहां के रहवासियों को काले प्रदूषण से इतना परेशानी हो रहा है कि शरीर में दाने निकलने आएं हैं।
रमेश कुमार जायसवाल
निवास सरई, रेलवे स्टेशन रोड
इनका कहना:-
सन् 2023 से कोयलायार्ड अदाणी का सरई स्टेशन पर डम्पिंग के कारण इतना ज्यादा प्रदूषण हो रहा है कि हम, हमारा परिवार एवं मोहल्लेवासी इतना परेशानी है कि बीमारियों से बीमारी फैल रहा है और अब तो मुहॅ से काले-काले कफ भी निकलने लगे हैं।
शिवम जायसवाल
निवास सरई, रेलवे स्टेशन रोड
इनका कहना:-
कोयले की डस्ट से हमसब परेशान हो चुके हैं। घर के अंदर-बाहर सिर्फ कोयले का डस्ट ही दिखाई देता है। तरह-तरह के बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। रेलवे कंपनियों से कमाई कर रहा है और बीमारी हम लोग झेल रहे हैं।
दिलीप जायसवाल
निवासी सरई
