कटनी: उत्तर प्रदेश की प्रतापगढ़ साइबर क्राइम पुलिस द्वारा लखनऊ के चिनहट इलाके में पकड़े गए अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टेबाजी, साइबर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े गिरोह के तार सीधे मध्य प्रदेश के कटनी जिले से जुड़ गए हैं। इस कार्रवाई के बाद से स्थानीय स्तर पर सटोरियों में भी भारी सनसनी फैल गई है। गिरफ्तार किए गए 5 शातिर आरोपियों में एक मुख्य आरोपी कटनी के माधवनगर का रहने वाला है, जो इस पूरे नेटवर्क में सक्रिय रूप से शामिल था।
गरीबों के केवाईसी से खुलवाते थे फर्जी खाते
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था। आरोपी समाज के गरीब और भोले-भाले लोगों के फर्जी केवाईसी (KYC) दस्तावेज हासिल कर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। ऑनलाइन गेमिंग एप्लीकेशन और सट्टेबाजी के माध्यम से आने वाले विदेशी काले धन को इन खातों के जरिए ठिकाने लगाया जाता था, ताकि पैसों का हिसाब मुख्य सरगनाओं तक सुरक्षित पहुंच सके और सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ से बचा जा सके। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस नेटवर्क को संचालित करने के लिए ब्रिटेन (UK) के सिम कार्ड्स का इस्तेमाल किया जा रहा था।
कटनी के माधवनगर का युवक गिरफ्तार
प्रतापगढ़ साइबर क्राइम पुलिस द्वारा जिन 5 मुख्य आरोपियों को दबोचा गया है, उनमें कटनी का नाम भी शामिल है। पकड़े गए आरोपियों की सूची इस प्रकार है:
* प्रीतम समतानी उर्फ हैरी पुत्र स्व. मुरलीधर समतानी (निवासी – माधवनगर, कटनी)
* संकेत सावलानी उर्फ सिनचैन पुत्र नारायणदास सावलानी (निवासी – सिंधी कॉलोनी, मैहर, जिला सतना)
* शुभम वाधवानी उर्फ मुन्ना पुत्र स्व. संतोष कुमार वाधवानी (निवासी – तरहटी हुजूर, रीवा)
* अमरजीत साकेत उर्फ सलमान पुत्र राजकरन साकेत (निवासी – बांस मनगवां, रीवा)
* निशांत हर्षद उर्फ डैडी पुत्र स्व. हर्षद भाई (निवासी – बारडोली, सूरत, गुजरात)
भारी मात्रा में डिजिटल और बैंकिंग साक्ष्य बरामद
पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से बड़े पैमाने पर अवैध सामग्रियां बरामद की हैं, जिससे इनके बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है:
* 32 स्मार्टफ़ोन
* 46 भारतीय सिम कार्ड
* 2 यूके (UK) के सिम कार्ड
* 2 लैपटॉप-कंप्यूटर
* 7 एटीएम कार्ड
* 8 बैंक पासबुक
