
ग्वालियर। प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा खानून की छै सौ साल पुरानी दरगाह के नायब सज्जादानशीन पद पर दरगाह के सज्जादानशीन हजरत ख्वाजा राशिद खानूनी ने परम्परा के अनुसार अपने बड़े बेटे डॉ ऐजाज़ खानूनी को विधिवत नायब सज्जादानशीन घोषित कर दिया। हजरत ख्वाजा खानून के 508 वें उर्स मेले के समापन पर हुई सभा में राशिद खानूनी ने जब यह घोषणा की तो मौजूद हजारों अकीदतमंदों ने खुशी जाहिर की।नायब सज्जादानशीन के रूप में पहिली दस्तारबन्दी सज्जादानशीन साहब ने की।इसके बाद, दरगाह हजरत निजामुद्दीन औलिया दिल्ली से नाजिम निजामी, पीरजादा जनाब साकिब खानूनी, सूफी अजहर साहेब इन्दौर, रशीदुद्दीन टीकमगढ़, हाजी जमालुद्दीन दरगाह हजरत बन्दगी, हजरत मौहम्मद गौस के सज्जादे जनाब जिया उल हसन, हाफिज साहेबान की ओर से हाफिज इस्माइल और हाफिज साजिद अली के अलावा अन्य स्थानीय दरगाहों के गद्दीनशीनों ने दस्तारबन्दी करके डॉ ऐजाज़ खानूनी का सम्मान किया। डॉ ऐजाज़ ने अपने उदवोधन में आभार जताया और विश्वास दिलाया कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है वे उसे पूरी तरह से निभायेंगे।
