पेरिस, 17 अक्टूबर (वार्ता) फ्रांस में महंगाई, सामाजिक असमानता और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ शनिवार को देशभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। पेरिस और मार्सेई में प्रदर्शनकारियों के साथ झड़पों के दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शन पिछले महीने शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद हो रहे हैं। उस समय देश के स्कूलों की स्थिति को लेकर विद्यार्थियों ने शिक्षकों की अनुपस्थिति और जर्जर सुविधाओं पर नाराजगी जताई थी। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रदर्शनों से पहले शांति और सम्मान बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विरोध करने का अधिकार लोगों और संपत्ति के प्रति सम्मान के साथ जुड़ा हुआ है।
प्रदर्शन आयोजकों के अनुसार, पूरे फ्रांस में 600 से अधिक प्रदर्शन आयोजित किए जाने की योजना है। गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने फ्रांस-2 टेलीविजन से कहा कि बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
हालांकि, पेरिस में पुलिस ने राष्ट्रपति भवन एलिसी पैलेस, प्रधानमंत्री कार्यालय, शॉंप्स-एलिजे मार्ग और कई अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के आसपास रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। शहर के मध्य हिस्से से होकर निकलने वाले मार्च की भी अनुमति नहीं दी गई है।
पेरिस में मुख्य प्रदर्शन दोपहर दो बजे प्लास द ला रिपब्लिक से शुरू होकर शहर के उत्तरी हिस्से की ओर जाने वाला है। राजधानी के बाहरी इलाके सेंट-डेनिस और गारे दु नॉर रेलवे स्टेशन के पास शनिवार सुबह दंगा नियंत्रण पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की खबरें सामने आईं।
विद्यार्थियों के साथ ट्रेड यूनियनों और ‘येलो वेस्ट’ आंदोलन के बचे हुए सदस्य भी प्रदर्शनों में शामिल हो रहे हैं। यह आंदोलन नवंबर 2018 से जून 2020 तक हर सप्ताह बड़े प्रदर्शन करता रहा था। शुरुआत में इसका विरोध ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ था, लेकिन बाद में यह महंगाई और आर्थिक असमानता के व्यापक मुद्दों तक फैल गया।
प्रधानमंत्री सेबास्तियन लेकोर्नू ने गुरुवार को कहा था कि अधिकारियों को प्रदर्शनों के दौरान हिंसा होने की आशंका है। उन्होंने कहा, “देश इस समय थकान के दौर से गुजर रहा है। हम लगातार संकट के माहौल में हैं, युद्ध, महंगाई और लोगों की क्रय शक्ति से जुड़े मुद्दे।”
अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले जनमत सर्वेक्षणों में आगे चल रही दक्षिणपंथी नेशनल रैली के प्रमुख जोर्डन बार्डेला ने भी झड़पों की आशंका जताई है।
वामपंथी दल ‘फ्रांस अनबाउड’ के नेता ज्यां-ल्यूक मेलंशों ने हाल के हफ्तों में विद्यार्थियों के प्रदर्शनों का समर्थन किया है। वह मंगलवार को एक प्रदर्शन में शामिल भी हुए थे। सरकार ने आरोप लगाया है कि यह दल व्यापक जन-असंतोष को और भड़का रहा है, हालांकि पार्टी ने इस आरोप से इनकार किया है।

