गुना:गुना में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां घर से अचानक लापता हो गए महज 10 साल के एक मासूम बच्चे ने अपनी सूझबूझ और हिम्मत के दम पर मौत के मुंह से वापसी की है। अपहरण और क्रूरता की यह दास्तान किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है, जिसने सुनने वालों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं।
घटनाक्रम शुक्रवार सुबह करीब 7.30 बजे शुरु हुआ। गुलाबगंज का रहने वाला 10 वर्षीय बालक सुबह अपनी मर्जी से घर से कहीं निकला था और भटकते हुए रेलवे स्टेशन जा पहुंचा। इसी दौरान एक शातिर आरोपी की नजर मासूम पर पड़ी, जो बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाता था। आरोपी बच्चे को अपने साथ ले गया और आरोन बस स्टैंड से एक आॅटो में बैठाकर हड्डीमील क्षेत्र की तरफ ले गया। रास्ते में आरोपी ने शराब खरीदी और मासूम को सूने जंगलों की तरफ खींच ले गया।
हड्डीमील के पास सुनसान जंगलों में पहुंचने के बाद आरोपी ने बच्चे के साथ अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं। उसने मासूम को बुरी तरह बांधकर डराया-धमकाया और बेरहमी से मारपीट की। आरोपी ने घुटने टेककर बच्चे को रस्सी से बांधा और उसे प्रताड़ित करता करता रहा। इस भयावहता के बीच बच्चा बुरी तरह जख्मी हो गया।
क्रूरता का यह दौर तब थमा जब नशे में धुत आरोपी को गहरी नींद आ गई। यही वह मौका था जिसका इंतजार मासूम कर रहा था। दर्द से जूझ रहे बच्चे ने हार नहीं मानी। उसने बड़ी हिम्मत दिखाते हुए अपने बंधे हाथों की रस्सी को दांतों से काटना शुरू कर दिया। आखिरकार, उसने रस्सी काट ली और डर की परवाह किए बिना वहां से भाग निकला। अपनी सूझबूझ के बल पर वह किसी तरह अपनी नानी के घर श्रीराम कॉलोनी सुरक्षित पहुंच गया।
उधर, बच्चे के लापता होने से परिवार में कोहराम मच गया था। परिजन सुबह से ही उसे ढूंढने के लिए दर-दर भटक रहे थे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। आखिरकार, शुक्रवार शाम करीब 4 बजे जब बच्चा नानी के घर पहुंचा, तब जाकर परिजनों की जान में जान आई। बच्चे के शरीर पर मारपीट के गंभीर निशान हैं और इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। परिजनों ने शहर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
