कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दुर्गा पूजा के दौरान माकपा को बुक स्टॉल लगाने की अनुमति देने वाले आदेश पर रोक लगाई

अदालत ने कहा कि पार्टी ने प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली थी।

मुख्य न्यायाधीश आर. वी. घुगे और न्यायमूर्ति मो. शब्बर रशीदी की खंडपीठ ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए माकपा की उस अपील को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने एक छाते के नीचे मेज और कुर्सी रखकर किताबें बेचने की अनुमति मांगी थी।

मुख्य न्यायाधीश घुगे ने सुनवाई के दौरान माकपा के वकील शमीम अहमद से पूछा कि क्या पार्टी ने स्टॉल लगाने के लिए अनुमति ली है।

वकील अहमद ने पीठ को बताया कि हालांकि पार्टी ने सरकार से अनुमति नहीं ली है, लेकिन उन्होंने संबंधित अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) को अपनी योजनाओं के बारे में सूचित कर दिया था। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भी अनुमति नहीं ली गई थी, जबकि हर साल लगभग 100 स्टॉल लगाए जाते रहे हैं।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस साल कानून को लागू होने से रोका नहीं जा सकता।

खंडपीठ ने यह भी कहा कि अगर ‘हिंदू जागरण मंच’ के स्टॉल भी बिना अनुमति के लगाए गए हैं, तो उन्हें हटा दिया जाएगा। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे बिना अनुमति के लगाए गए स्टॉलों को हटाने के लिए उचित कदम उठाएं।

इस मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी।

 

Next Post

मैहर के मां शारदा धाम में रोप-वे टावर के पास दिखा तेंदुआ

Sat Oct 17 , 2026
सतना:प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मां शारदा धाम परिसर में एक बार फिर तेंदुए की हलचल से हड़कंप मच गया है. शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे रोप-वे के टावर नंबर-3 के पास एक तेंदुआ शांति से बैठा देखा गया. मंदिर जाने वाली मुख्य सड़क के ठीक समीप तेंदुए की मौजूदगी से श्रद्धालुओं […]

You May Like

Play sound