सुश्री डेर लेयेन ने रूस पर दबाव बढ़ाने की मांग की। इस बीच, यूरोपीय संघ (ईयू) नये प्रतिबंध पैकेज की तैयारी कर रहा है।
बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में ईयू नेताओं के शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन की बैठक से पहले उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ” हमने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऊर्जा संघर्षविराम का समर्थन किया था, लेकिन हमने देखा कि रूस ने एक मिनट के लिए भी इसका पालन नहीं किया। इसके बजाय, रूस ने तनाव बढ़ाया। इसलिए हमें रूस पर दबाव बढ़ाना होगा।”
इस बीच श्री ट्रंप ने कहा है कि रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे पर हमले तत्काल रोकने के लिए सहमत हो गए थे।
सुश्ली डेर लेयेन ने कहा कि यूरोपीय संघ रूस के खिलाफ 22वें प्रतिबंध पैकेज पर तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक रूस युद्ध समाप्त नहीं करता, तब तक प्रतिबंधों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के नेता सर्दियों के लिए यूक्रेन की तैयारियों के साथ-साथ वर्ष 2026 और 2027 के लिए उसकी वित्तीय, बजटीय और सैन्य जरूरतों पर भी चर्चा करेंगे।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने यूक्रेन के प्रति यूरोपीय संघ की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यूक्रेन को उसका समर्थन पहले की तरह ही मजबूत बना हुआ है।
श्री कोस्टा ने कहा, “यह यूक्रेन को समर्थन वापस लेने का समय नहीं है। यह रूस पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने का समय नहीं है। अब हमें अपना समर्थन बढ़ाने और रूस पर दबाव बढ़ाने की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि रूस को वास्तविक संघर्षविराम स्वीकार करने, बातचीत शुरू करने और युद्ध समाप्त करने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से दबाव बढ़ाना जरूरी है।
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने भी अमेरिका से रूस पर दबाव बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कोई संकेत नहीं हैं कि रूस संघर्षविराम पर सहमत होने या शांति प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “हम रूस पर दबाव बनाने के लिए नये प्रतिबंध पैकेज पर काम कर रहे हैं। और निश्चित रूप से, हमें उम्मीद है कि हम दुनिया भर में अपने सभी साझेदारों के साथ मिलकर ऐसा करेंगे।”
उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ अपने अमेरिकी साझेदारों को यह समझाने की कोशिश कर रहा है कि युद्ध समाप्त करने और भविष्य में संघर्षों को रोकने के लिए रूस पर अधिक दबाव डालना जरूरी है।
सुश्री कलास ने कहा कि उन्होंने और यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने यूरोप की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं और मांगों की एक सूची तैयार की है, जिसे किसी भी वार्ता के दौरान रूस के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि रूस की मांगों को बिना किसी रियायत के स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। रूस को उसकी मांगों के बदले कुछ रियायतें देने के लिए भी तैयार होना चाहिए।
उन्होंने अमेरिका के साथ तालमेल बिठाने में आ रही कठिनाइयों को स्वीकार करते हुए कहा कि फिलहाल अमेरिकी सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
यूक्रेन की स्टारलिंक उपग्रह संचार सेवा पर निर्भरता के संबंध में सुश्री कलास ने कहा कि यह प्रणाली यूक्रेन के लिए अब भी बेहद महत्वपूर्ण है और यूरोप निकट भविष्य में इसकी क्षमताओं का विकल्प तैयार नहीं कर सकता।
यूरोपीय संघ के नेता अपनी रक्षा तैयारियों पर भी चर्चा करने वाले हैं। इसमें महत्वपूर्ण सैन्य क्षमताओं और यूरोपीय रक्षा एजेंसी द्वारा औद्योगिक क्षमता में चिह्नित कमियों पर विचार किया जाएगा।
सुश्री कलास ने कहा कि इन कमियों को दूर करना तत्काल जरूरी है। उन्होंने कहा कि यूरोप को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक क्षमताएं विकसित करनी होंगी।
