महिदपुर: सिविल हॉस्पिटल महिदपुर से उज्जैन रेफर किए गए मरीज की रास्ते में मौत के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने एसडीएम महिदपुर को आवेदन देकर सिविल हॉस्पिटल के मेडिकल ऑफिसर और 108 एंबुलेंस स्टाफ पर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
मृतक की पहचान महिदपुर नगर निवासी नदीम अहमद पिता अहमद हुसैन उम्र 46 वर्ष के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार गत रात्रि 12 से 1 बजे के बीच नदीम की तबीयत अचानक बिगड़ी। शुगर लो और BP डाउन होने पर उन्हें सिविल हॉस्पिटल महिदपुर के आपातकालीन विभाग में ले जाया गया। ड्यूटी डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद 108 एंबुलेंस से ऑक्सीजन पर उज्जैन रेफर कर दिया।
परिजनों के 2 बड़े आरोप –
परिजन जुनेद नागोरी / मुजाहिद नागोरी ने जानकारी देते हुए बताया कि यहां तो सुविधा ही नहीं है। जाते ही डॉक्टर बोल देता है रेफर कर दो। यहां पर एंबुलेंस के ठिकाने नहीं, एंबुलेंस में ऑक्सीजन के ठिकाने नहीं। एंबुलेंस में ऑक्सीजन के सिलेंडर खाली पड़े हैं। मरीज कहां से कहां तक परेशान हो। सब लापरवाही सिविल हॉस्पिटल वालों की है। ऑक्सीजन न होने की वजह से ही उज्जैन रेफर किया था और डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से उनका इंतकाल हो गया। वो जो स्पेयर में सिलेंडर दिया था वो मात्र 4 मिनट चला। अस्पताल से समझो यहां से झारडा कटन पार कर रहे थे तभी ऑक्सीजन खत्म हो गई,
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि एंबुलेंस में नियमानुसार पैरामेडिकल स्टाफ और अटेंडर होना चाहिए था, लेकिन सिर्फ एक ड्राइवर और एक गैस का बाटला था। वे मरीज को लेकर ग्राम खेड़ाखजूरिया स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो वहां भी ताला लगा मिला। एक मां ने अपना बेटा खोया, एक बीवी ने अपना पति खोया, एक बच्चे ने अपने पिता को खोया। इसका जवाबदार कौन? परिजनों ने चेतावनी दी है कि 2 दिन में न्याय नहीं मिला तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
विधायक दिनेश जैन बोस ने भी जानकारी देते हुए बताया कि
मामले की जानकारी मिलते ही ैं सिविल हॉस्पिटल महिदपुर पहुंचा और अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है और दोषियों पर कार्रवाई होना चाहिए।
BMO डॉ. शोभना भाभर का कहना है कि ये मामला 15 तारीख रात 3:30 बजे का है। मरीज को बहुत ज्यादा उल्टियां हो रही थीं, BP बिल्कुल नहीं आ रहा था। ड्यूटी डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार कर तत्काल एंबुलेंस बुलवाकर ऑक्सीजन के साथ रेफर किया था। रास्ते में किसी कारणवश समस्या हुई और उनका निधन हो गया, जो बहुत दुखद है। खेड़ा खजूरिया पर ताला मिलने के सवाल पर BMO ने कहा – वहां के डॉक्टर अवकाश पर थे, इसलिए स्टाफ इधर-उधर हो गया होगा। केंद्र बंद नहीं है, वहां डिलीवरी भी होती हैं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है।
