सतना: नगर पालिक निगम में प्रशासनिक कार्यों की प्रभावी निगरानी, विकास परियोजनाओं में तेजी, राजस्व वसूली एवं नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को आयुक्त डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा की अध्यक्षता में आयोजित विभागवार समीक्षा बैठक सुबह 10:30 बजे से शाम 8 बजे तक चली।
निगम कार्यालय के छोटे मीटिंग हॉल में करीब साढ़े नौ घंटे चली इस विस्तृत समीक्षा के दौरान आयुक्त ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, विकास कार्यों की प्रगति एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। विशेष रूप से भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन, अवैध कॉलोनियों से बकाया शुल्क की वसूली, प्रधानमंत्री आवास योजना, राजस्व प्रबंधन तथा स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया गया। भवन अनुज्ञा शाखा की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने नगर निगम क्षेत्र के सभी भवनों की निर्माण अनुमतियों की व्यापक जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत भवन मानचित्रों, निर्माण अनुमति की शर्तों एवं मौके पर किए गए वास्तविक निर्माण का मिलान कर अनियमितताओं को चिह्नित करने को कहा। जिन निर्माणों का नियमानुसार कंपाउंडिंग (प्रशमन) संभव है, उनमें निर्धारित प्रक्रिया के तहत कंपाउंडिंग की कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि निर्धारित बेसलाइन से बाहर किए गए अवैध निर्माणों को चिह्नित कर विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत हटाया जाए। उन्होंने भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन से संबंधित प्रकरणों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने तथा जांच एवं कार्रवाई की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
आरआरसी के माध्यम से होगी वसूली
कॉलोनी सेल की समीक्षा में आयुक्त ने अवैध कॉलोनियों से संबंधित प्रकरणों एवं निर्धारित शुल्क की वसूली की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित शुल्क जमा नहीं करने वाले कॉलोनाइजरों के विरुद्ध नियमानुसार राजस्व वसूली प्रमाणपत्र (आरआरसी) जारी कर बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए। आयुक्त ने ऐसे प्रकरणों में कठोर वैधानिक कार्रवाई करने तथा वसूली प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होने देने के निर्देश दिए
