रेलवे ने गुरुवार को बताया कि इस समझौते का मकसद ट्रेनों में भोजन की गुणवत्ता, स्टेशनों की सफाई, ठेकेदारों की जवाबदेही, कर्मचारियों की स्वच्छत, भोजन के सुरक्षित भंडारण पर निगरानी और भविष्य में नयी पहल शुरू करना है।
रेलवे के अनुसार इस साझेदारी के तहत ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर आईआरसीटीसी द्वारा संचालित सभी खानपान इकाइयों में भोजन की गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता की जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी।
इस समझौते के तहत क्यूसीआई के प्रमाणित विशेषज्ञ बिना पूर्व सूचना दिये तिमाही और छमाही आधार पर गहन निरीक्षण करेंगे। इन जांचों के माध्यम से भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों और अंतरराष्ट्रीय खाद्य मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
समझौता ज्ञापन पर आईआरसीटीसी के महाप्रबंधक (गुणवत्ता एवं परियोजनाएं) सुधीर वारियर और भारतीय गुणवत्ता परिषद के प्रधान सलाहकार एवं पीपीआईडी प्रमुख सुब्रतो घोष ने हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर भारतीय गुणवत्ता परिषद के राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमानंद नागेंद्र शुक्ला और सहायक महासचिव मोहित पाधी तथा आईआरसीटीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राहुल हिमालियन और निदेशक (खानपान सेवाएं) मनोज कुमार शर्मा भी उपस्थित थे।
जांच प्रक्रिया में आंकड़ों से छेड़छाड़ रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्यूसीआई की डिजिटल व्यवस्था का उपयोग किया जाएगा। निरीक्षक एक विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से जांच करेंगे, जिसमें स्थान की पुष्टि के लिए भू-टैगिंग, समय दर्ज करने और तस्वीरों के माध्यम से साक्ष्य जुटाने की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
जांच रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर जमा करनी होगी। इससे संचालन में कमियों का तत्काल पता लगाया जा सकेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सुधारात्मक एवं निवारक कार्रवाई (सीएपीए) की निगरानी की जाएगी।
रेलवे ने कहा कि ट्रेनों में भोजन तैयार करने की व्यवस्था की स्वतंत्र जांच होगी, ताकि यात्रियों को खराब गुणवत्ता वाला भोजन परोसे जाने की आशंका कम की जा सके। प्रमुख रेलवे स्टेशनों की खानपान इकाइयों में भोजन तैयार करने की जगहों की स्वच्छता और गुणवत्ता के मानक एक समान बनाए जाएंगे।
रेलवे के अनुसार इससे 24 घंटे के भीतर डिजिटल साक्ष्यों के साथ जांच रिपोर्ट मिलने से नियमों का उल्लंघन करने वाले खानपान ठेकेदारों के खिलाफ तेजी से जुर्माना लगाने या सुधारात्मक कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। खानपान कर्मचारियों की चिकित्सकीय फिटनेस, सुरक्षात्मक उपकरणों के अनिवार्य उपयोग और पेशेवर व्यवहार की जांच की जाएगी।
रेलवे ने बताया कि शाकाहारी और मांसाहारी कच्ची खाद्य सामग्री को अलग-अलग रखने, भोजन को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखने और कीट नियंत्रण की व्यवस्था की जांच की जाएगी।
रेलवे के अनुसार इस व्यापक समझौते के तहत आईआरसीटीसी और क्यूसीआई यात्रियों की संतुष्टि से जुड़े सर्वेक्षण, बुनियादी ढांचे की जांच और कर्मचारियों के विशेष प्रशिक्षण जैसे संयुक्त कार्यक्रम भी शुरू कर सकेंगे।
