बुरहानपुर: 15 अक्टूबर को बुरहानपुर की पावन धरा एक ऐसे ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक अनुष्ठान की साक्षी बनने जा रही है] जो यहाँ के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा। गजेंद्र दिनकर पाटील गजु दादा के नेतृत्व में बुरहानपुर से इच्छापुर तक निकलने वाली माँ इच्छादेवी की चुनरी यात्रा इस बार सिर्फ आस्था की पैदल यात्रा नहीं] बल्कि भारतीय संस्कृतिए शौर्य और आधुनिक भव्यता का अनूठा समागम होगी। मंगलवार को सांसद कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा युवा नेता गजेंद्र पाटील ने जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा का 12 वा वर्ष है। उन्होंने धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे इस गौरवशाली और ऐतिहासिक यात्रा में सपरिवार सम्मिलित होकर माँ इच्छादेवी के दर्शन करें और दादागुरु का आशीर्वाद प्राप्त कर पुण्य लाभ कमाएं।यात्रा के प्रभारी व पूर्व महापौर अनिल भोसले ने भी भक्तजनों से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होने का अनुरोध किया।
हेलीकॉप्टर से होगी पुष्पवर्षा :-गजेंद्र पाटील ने बताया कि इस चुनरी यात्रा का सबसे विहंगम दृश्य बुरहानपुर के इतिहास में पहली बार देखने को मिलेगा। माँ इच्छादेवी देवी के मंदिर तथा यात्रा के मार्ग पर आसमान से हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्पवर्षा की जाएगी। नीचे जयकारों से गूंजता मार्ग और ऊपर आसमान से बरसते फूल इस पूरी यात्रा को अलौकिक और अविस्मरणीय बनाएंगे।
महाराष्ट्र की भक्ति परंपरा का अद्भुत संगम:-यात्रा को संगीत और लोक संस्कृति से सराबोर करने के लिए विशेष रूप से महाराष्ट्र की प्रसिद्ध पंढरपुर की वारकरी मंडलीए51 ध्वज विघ्नहर्ता पुनरी ढोल पथक शामिल होंगी । वहींए अमलनेर का विख्यात श्रीकृष्ण बैंड अपनी दिव्य और ऊर्जावान धार्मिक धुनों से पूरी यात्रा में जोश फूंकने का काम करेगा।
सुबह 7 बजे फवारा चौक से शंखनाद:-यह ऐतिहासिक चुनरी यात्रा 15 अक्टूबर, गुरुवार को सुबह ठीक 7 बजे नवदुर्गा माता मंदिरए फव्वारा चौकए बुरहानपुर से शंखनाद के साथ प्रारंभ होगी और माँ इच्छादेवी मंदिरए इच्छापुर पहुंचकर संपन्न होगी। प्रेस वार्ता में भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोज टंडन,एमआईसी चैयरमेन व पार्षद भरत इंगले उपस्थित रहे।
दादागुरु का प्रथमबुरहानपुर आगमन
इस चुनरी यात्रा का आध्यात्मिक और गौरवशाली क्षण परम पूज्य दादागुरु भगवान का बुरहानपुर की धरती पर पहला कदम होगा। 17 अक्टूबर 2020 से निरंतर 2100 दिनों की महाव्रत साधना कर रहे दादागुरु केवल नर्मदा जल पर जीवित हैं। इस कठिन साधना के दौरान उन्होंने माँ नर्मदा की 3ए200 किलोमीटर की पैदल परिक्रमा एक नहीं बल्कि तीन बार पूरी की है।इस यात्रा के दौरान दादागुरु के पावन सानिध्य के साथ ही,2100 किलोमीटर दूर से लाया गया माँ गंगा का पवित्र जल माँ इच्छादेवी के चरणों में अर्पित कर विश्व कल्याण की कामना की जाएगी।
विराट झांकियां जो रोक देंगी राहें :-धार्मिक और सांस्कृतिक शौर्य को प्रदर्शित करने के लिए इस बार यात्रा में कई हैरतअंगेज और विराट स्वरूप शामिल किए जा रहे हैं। महादेव और उनके वाहन नंदी महाराज का 25 फीट ऊंचा विराट स्वरूप जब सडक़ों पर बढ़ेगाए तो पूरी नगरी शिवमय हो जाएगी। आधुनिक तकनीक और कला के संगम से तैयार 8 फीट के उड़ते हुए हनुमान जी का स्वरूप श्रद्धालुओं में रोमांच भर देगा। पारंपरिक झांकियों से 8 फीट के भगवान नरसिंह का चलता.दौड़ता हुआ जीवंत स्वरूप श्रद्धालुओं के बीच कौतूहल और श्रद्धा का विषय रहेगा। पारंपरिक राजसी वैभव और पूरे विधि.विधान के साथ आई तुलजा भवानी की शाही सवारी निकाली जाएगी
