देवास: साइबर ठग ने पेंशन कार्ड अपडेट और टैक्स में छूट दिलाने का झांसा देकर एक रिटायर्ड कर्मचारी के खाते से 6.03 लाख रुपए उड़ा लिए, लेकिन देवास पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के सहारे ठगी के आरोपी को करीब 1500 किलोमीटर दूर बिहार के कटिहार से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के घर की अलमारी से 5 लाख नकद भी बरामद किए हैं। एसपी पुनीत गेहलोद ने प्रेसवार्ता में पूरे मामले का खुलासा किया।
एलआईसी से सेवानिवृत्त कर्मचारी 62 वर्षीय मनोहरलाल सिलोदिया के साथ अज्ञात साइबर ठगों द्वारा बैंक अधिकारी बनकर पेंशन कार्ड अपडेट करवाने एवं टैक्स में छूट दिलाने का झांसा देकर कुल 6 लाख 3 हजार रुपए की साइबर ठगी की थी। फरियादी की शिकायत पर थाना कोतवाली में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की तलाश प्रारंभ की गई। पुलिस टीम ने साइबर ठगी से संबंधित बैंकिंग लेनदेन, मोबाइल नंबरों एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया। विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने लगभग 1500 किलोमीटर दूर जिला कटिहार (बिहार) पहुंचकर आरोपी सचिन पिता उमेश पासवान उम्र 21 वर्ष निवासी खुदनारुपसपुर थाना रौतारा, जिला कटिहार (बिहार) को कटिहार से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। आरोपी की निशानदेही पर उसके घर की अलमारी से साइबर ठगी की राशि में से 5 लाख रुपए नगद जब्त किए।
गिरफ्तार आरोपी की जानकारी एवं विवेचना में प्राप्त तथ्यों के आधार पर साइबर ठगी गिरोह के मुख्य सरगनाओं का संबंध जामतारा (झारखंड) से होना सामने आया है। आरोपी से साइबर ठगी के नेटवर्क, अन्य संलिप्त व्यक्तियों एवं ठगी की शेष राशि के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि “ऑपरेशन सायबर” के तहत जिला पुलिस साइबर सेल ने 1 नवंबर 2024 से अब तक 3 करोड़ 89 लाख 28 हजार 622 रुपए की ठगी गई राशि वापस करवाई है। विभिन्न शिकायतों में 5 करोड़ 27 लाख 16 हजार 769 की राशि होल्ड करवाई है, जिसे अग्रिम वैधानिक कार्रवाई उपरांत आवेदकों को लौटाया जाएगा। साथ ही अब तक कुल 130 ई-जीरो एफआईआर पंजीबद्ध कर 26 आरोपी गिरफ्तार कर उनसे 98 लाख 52 हजार 614 की राशि जब्त की गई है।
