जबलपुर। नर्मदा और उसकी सहायक नदियों में अवैध रेत खनन का विरोध करने पर भाजपा नेता व सामाजिक कार्यकर्ता पवन पटेल पर हुए हमले के मामले में हाईकोर्ट ने आरोपित गाडरवारा निवासी छुटवीर तोमर व अन्य की याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने एफआइआर और आरोपपत्र निरस्त करने की मांग अस्वीकार कर दी। पीड़ित की ओर से बताया गया कि विवेचना में बिना नंबर की बोलेरो, बेसबाल के डंडे और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
काल डिटेल रिकार्ड और मोबाइल टावर लोकेशन से आरोपितों की उपस्थिति तथा आपसी बातचीत के साक्ष्य मिलने का तर्क दिया गया। चेहरे ढंके होने के कारण शिनाख्त परेड की उपयोगिता पर भी सवाल उठाया गया। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोटों का उल्लेख करते हुए कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत साक्ष्यों की जांच के लिए मिनी ट्रायल नहीं किया जा सकता। याचिका निरस्त होने से अब अधीनस्थ न्यायालय में आपराधिक मुकदमे की सुनवाई जारी रहेगी।
