राजगढ़: निजी विद्यालयों की समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन जिला राजगढ़ के बैनर तले जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया.
प्रदर्शन में जिलेभर से आए निजी स्कूल संचालकों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और मांगों का शीघ्र निराकरण करने की अपील की.
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि निजी विद्यालयों से बार-बार विभिन्न प्रकार की जानकारियां मांगी जा रही हैं, जिससे विद्यालयों के नियमित शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं. इसके साथ ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान लंबित होने से विद्यालय संचालकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
जिलेभर के स्कूल संचालकों ने दिखाई एकजुटता – प्रदर्शन में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के संरक्षक प्रणपाल सिंह खींची, जिला अध्यक्ष तेजेन्द्र उपाध्याय, प्रदेश सचिव राकेश पांडे, कमल आलोक प्रसाद, जिला उपाध्यक्ष जफर शैफी, धर्मेंद्र पालीवाल, मोहन नागर एवं जिला सचिव ऋषभ नागोरी , लोकेश शर्मा ,नरेश लववंशी, सागर सिंह परमार, महेश दांगी, भँवर सोलंकी ,श्याम बैरागी गोपाल सेन राजेश परमार, आयुष चौहान , कुलदीप सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पदाधिकारी और निजी विद्यालय संचालक उपस्थित रहे. धरना-प्रदर्शन में नरसिंहगढ़, कुरावर, ब्यावरा, सारंगपुर, राजगढ़ एवं खिलचीपुर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों निजी विद्यालय संचालकों ने सहभागिता की. सभी ने एकजुट होकर विद्यालयों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने तथा क्रञ्जश्व की लंबित राशि का भुगतान करने की मांग उठाई.
जानकारी मांगने की प्रक्रिया सरल करने की मांग
धरना-प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन ने मांग की कि निजी विद्यालयों से जानकारी लेने की प्रक्रिया को सरल, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि संचालकों को बार-बार एक ही प्रकार की जानकारी जुटाने में अनावश्यक समय न लगाना पड़े. साथ ही क्रञ्जश्व के अंतर्गत लंबित प्रतिपूर्ति राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। संगठन का कहना है कि आर्थिक समस्याओं और अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण विद्यालयों के संचालन पर असर पड़ता है, जिसका प्रभाव विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ सकता है.
