नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (वार्ता) भारतीय राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संघ (एनएसईएफआई) ने इंद्रायणी मुले को व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का सलाहकार नियुक्त किया है। संघ ने यह कदम देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को वैश्विक बाजारों में नयी पहचान दिलाने और निर्यात की संभावनाओं को विस्तार देने के लिए उठाया है।
संघ की ओर से सोमवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार श्रीमती मुले को उद्योग जगत के साथ काम करने और अंतरराष्ट्रीय कारोबारी संबंधों को मजबूत बनाने का 26 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने सीआईआई में अपने कार्यकाल के दौरान भारत और अफ्रीकी देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। वह भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) इंडिया-अफ्रीका व्यापार सम्मेलन के साथ-साथ अफ्रीका के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कारोबारी सम्मेलनों से भी जुड़ी रहीं। इन मंचों के माध्यम से उन्होंने भारतीय उद्योग जगत, अफ्रीकी सरकारों, वाणिज्य मंडलों और कारोबारी प्रतिनिधियों के बीच संवाद तथा सहयोग को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। उनके अंतरराष्ट्रीय कार्यक्षेत्र में जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा, आसियान देशों और प्रशांत द्वीप समूह के साथ सहयोग का अनुभव भी शामिल है।
विज्ञप्ति के अनुसार व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के अलावा श्रीमती मुले ने कौशल विकास और पेशेवर प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। वर्ष 2012 से 2019 के बीच उन्होंने विदेश मंत्रालय के सहयोग से सीआईआई के औद्योगिक सेवा प्रशिक्षण कार्यक्रम को संचालित किया। इस कार्यक्रम के तहत अफ्रीकी देशों के वाणिज्य मंडलों और निवेश प्रोत्साहन एजेंसियों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने व्यक्तिगत पहल पर भारत में अफ्रीकी विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप, पेशेवर विकास कार्यशालाओं और उद्योग जगत के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराने में भी सक्रिय भूमिका निभायी।
श्रीमती मुले अपनी नयी भूमिका में भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग के लिए निर्यात के अवसर बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ कारोबारी साझेदारी विकसित करने और उभरते बाजारों के साथ संस्थागत सहयोग मजबूत करने की दिशा में मार्गदर्शन देंगी। वह ग्लोबल साउथ के देशों के साथ संघ के जुड़ाव को आगे बढ़ाने में भी सहयोग करेंगी। एनएसईएफआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुब्रह्मण्यम पुलिपाका ने कहा, “भारत नवीकरणीय ऊर्जा के एक प्रमुख बाजार के रूप में उभरा है और विनिर्माण, प्रौद्योगिकी तथा परियोजनाओं के विकास के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का लगातार विस्तार कर रहा है। अब हमारे सामने इन अनुभवों और विशेषज्ञता को दुनिया के अन्य देशों तक विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों में पहुंचाने का अवसर है।”
