नई दिल्ली, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दलों के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में राजनीतिक पारा पूरी तरह चढ़ गया है। सुरक्षा व्यवस्था को ताक पर रखकर प्रदर्शन करने जा रहे आप नेता मनीष सिसोदिया, CJP संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और चर्चित सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर ध्रुव राठी समेत कई प्रमुख हस्तियों को दिल्ली पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया है। मध्य दिल्ली के सभी प्रमुख मार्गों, मेट्रो स्टेशनों और सीमावर्ती इलाकों में भारी पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों को तैनात कर दिया गया है ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे।
मेट्रो स्टेशन बंद, कई ट्रेनें रद्द और मध्य दिल्ली में कड़े ट्रैफिक डायवर्जन लागू, आम नागरिकों को हुई भारी परेशानी
इस हाई-वोल्टेज प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर नाकाबंदी कर दी है। सुरक्षा के मद्देनजर कई संवेदनशील मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए गए हैं और कुछ ट्रेनें भी रद्द की गई हैं। पुलिस प्रशासन ने आज सुबह से ही नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के कई मुख्य मार्गों पर कड़े ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिए हैं। यात्रियों और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर अपील की है कि यदि किसी को रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी या हवाई अड्डे की यात्रा करनी है, तो वे ट्रैफिक जाम और मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग से बचने के लिए पर्याप्त अतिरिक्त समय लेकर ही अपने घरों से निकलें।
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके की अगुवाई में उठाई गई थी आवाज, पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शन को विफल करने के लिए उठाए कड़े कदम
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इस बड़े विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके जब दिल्ली की ओर कूच कर रहे थे, तभी पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें और अन्य प्रमुख समर्थकों को हिरासत में ले लिया। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति के राजधानी में बड़े पैमाने पर भीड़ जुटाने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हालांकि विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने के लिए पुलिस बल का दुरुपयोग कर रही है, लेकिन भारी पुलिस बल की तैनाती के चलते जंतर-मंतर के आसपास फिलहाल स्थिति पूरी तरह पुलिस के नियंत्रण में है।

