नई दिल्ली। GST से जुड़े प्रस्तावित बदलावों से छोटे कारोबारियों को टैक्स संबंधी प्रक्रियाओं में राहत मिलने की उम्मीद है। इन सुधारों में रिफंड की प्रक्रिया तेज करने, ऑनलाइन कारोबारियों के लिए रजिस्ट्रेशन आसान बनाने और जुर्माने से जुड़े नियमों में बदलाव जैसे प्रावधान शामिल हैं।
रिफंड की प्रक्रिया होगी तेज
प्रस्तावित बदलावों के तहत GST रिफंड आवेदन की पावती की समयसीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा, जोखिम के आकलन के आधार पर कुछ पात्र रिफंड दावों में 90 प्रतिशत तक राशि की प्रोविजनल मंजूरी देने का प्रस्ताव है। इससे पात्र कारोबारियों को अपनी फंसी हुई पूंजी तक जल्द पहुंचने में मदद मिल सकती है।
दूसरे राज्यों में कारोबार करना होगा आसान
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सामान बेचने वाले पात्र छोटे विक्रेताओं के लिए भी राहत का प्रस्ताव है। निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले कारोबारी दूसरे राज्यों में अलग कारोबारी ठिकाना बनाए बिना GST रजिस्ट्रेशन की सुविधा का लाभ ले सकेंगे। इससे उन्हें अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद मिल सकती है।
पांच करोड़ रुपये तक टर्नओवर वालों के लिए सुविधा
प्रस्तावित व्यवस्था में पांच करोड़ रुपये तक सालाना टर्नओवर वाले पात्र कारोबारियों के लिए तिमाही टैक्स भुगतान और सालाना रिटर्न दाखिल करने का विकल्प भी शामिल है। इससे टैक्स अनुपालन की प्रक्रिया सरल हो सकती है।
जुर्माने और अभियोजन के नियमों में बदलाव
GST के तहत अभियोजन की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने की सिफारिश की गई है। वहीं, सामान्य जुर्माने की अधिकतम सीमा 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है।
एक अप्रैल 2027 से लागू करने की योजना
इन सुधारों को एक अप्रैल 2027 से लागू करने की योजना बताई गई है। फिलहाल ये प्रक्रिया से जुड़े प्रस्तावित बदलाव हैं, GST की दरों में कटौती नहीं। कारोबारियों को मिलने वाली वास्तविक राहत अंतिम नियमों और पात्रता की शर्तों पर निर्भर करेगी।
