चित्रकूट समग्र विकास के कार्यो को गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरा करें:शीलेन्द्र

सतना :कमिश्नर रीवा संभाग शीलेन्द्र सिंह ने कहा कि चित्रकूट के समग्र विकास के कार्य तेजी के साथ गुणवत्तापूर्वक समय-सीमा में पूर्ण किये जायें। उन्होंने कहा कि कार्य में जो भी कठिनाइयों हो उसे टीएल की बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों के ध्यान में लाये और निर्माण कार्यो की गति बढाये। उन्होंने कहा कि दीपावली के मेले से पहले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से जुडे जनसुविधाओं के कार्य यथा संभव पूर्ण कर लिये जाये। उन्होंने कहा कि चित्रकूट समग्र विकास के कार्य तेजी से चलने चाहिए और दिखने चाहिए। कमिश्नर रीवा संभाग शीलेन्द्र सिंह ने गुरूवार को चित्रकूट नगर पंचायत के सभाकक्ष में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों निर्माण एजेंसी के विभागों और संविदाकारों की बैठक लेकर चित्रकूट के विकास कार्यो की समीक्षा की। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, डीएफओ मयंक चांदीवाल, एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण पंकज खडारी, तहसीलदार कमलेश सिंह भदौरिया, सीएमओ अंकित सोनी, राष्ट्रीय राजमार्ग एमपीयूआईडीसी पर्यटन और स्मार्ट सिटी के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने चित्रकूट और चित्रकूट के आस-पास भविष्य के विकास कार्यो के लिए चिन्हांकित और आरक्षित जमीन की जानकारी दी। उन्होंने चित्रकूट विकास के संचालित प्रगतिरत कार्यो की जानकारी में बताया कि कुल 2798 करोड रूपये लागत के कार्य चित्रकूट में चल रहे है। जिनमें मोहकमगढ से पीली कोठी रोड 55.36 करोड की लागत से किया जा रहा है। इस सडक में 6.5 किमी में से 6.3 किमी तक कार्य कम्पलीट कर लिया गया है। शेष कार्य 30 अक्टूबर तक पूरा हो जायेगा। परिक्रमा पथ के भूमिगत विद्युतीकरण कार्य के संबंध में 13.16 करोड रूपये की लागत से प्रगतिरत कार्य का 92 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। कामगदगिरी परिक्रमा पथ में 36.34 करोड रूपये की लागत से 2.7 किमी में फर्शीकरण कार्य में 2.3 किमी तक का कार्य पूरा कर लिया गया है।

पूरे परिक्रमा मार्ग में दीपावली के पहले स्टोन लेइंग का कार्य पूरा कर लिया जायेगा। इसी प्रकार राम संस्कृति वन के प्रथम फेज का कार्य शत-प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। राम संस्कृति वन फेज 3 का डेढ करोड रूपये से स्वीकृत कार्य 40 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। डीएमएफ मद से मंदाकिनी, पैशुनि नदी पुनर्जीवन के तहत 1.83 करोड रूपये से कार्य कराये गये है। जल संसाधन विभाग द्वारा नमामि गंगे परियोजना के तहत चित्रकूट मंदाकिनी घाट के नदी तटों के क्षरण को रोकने तथा घाट निर्माण के लिए 24.62 करोड रूपये के प्रोटेक्शन वाल बनाने का कार्य किया गया है जो मंदाकिनी नदी की बाढ में सुरक्षित रहा है। चित्रकूट-सतना फोरलेन सडक राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा 2500 करोड रूपये की लागत से किया जा रहा है।

चित्रकूट का शेष बचा सीवर का कार्य फेज-वन में 32.08 करोड रूपये से 91 प्रतिशत पूरा किया गया है जबकि फेज-2 में 6.16 करोड रूपये से शेष कार्य कराये जा रहे है। नगर पंचायत द्वारा अमृत योजना से विभिन्न वार्डो में 60 किमी पाइपलाइन का विस्तार किया जा रहा है। जिसमें 75 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। ब्रिज कारपोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि नयागांव मार्ग पर मंदाकिनी नदी में पीपा पुल तैयार करने क लिए एजेंसी निर्धारित कर ली गई है। शीघ्र ही कार्य शुरू किया जायेगा। बैठक में इन्टीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान आईयूडीपी की जानकारी दी गई। बताया गया कि तीन चरणों में 5000 करोड रूपये लागत की योजना बनाई गई है। जिसमें प्रथम चरण के अंतर्गत 776 करोड रूपये के कार्यो के डीपीआर तैयार कर लिये गये है।

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