नयी दिल्ली, 08 अक्टूबर (वार्ता) दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने वस्तु एवं सेवा कर परिषद की बैठक में अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने को लेकर लिये गये फैसलों का स्वागत किया है।
श्री मल्होत्रा ने गुरुवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि आज जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में केंद्र सरकार द्वारा लिए गये फैसले देश के व्यापारियों, छोटे दुकानदारों, सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और निर्यातकों के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जीएसटी को लगातार सरल, पारदर्शी और व्यापार-हितैषी बनाया जा रहा है। आज परिषद ने जीएसटी कानून के तहत अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति को पूरी तरह समाप्त करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही अभियोजन की सीमा को एक करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ कर दिया गया है। अब पांच करोड़ से कम के मामलों में आपराधिक कार्रवाई नहीं होगी। इससे छोटे और मध्यम कारोबारियों पर से कानूनी कार्रवाई का अनावश्यक भय समाप्त होगा।
साथ ही सामान्य जुर्माना को 25,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है। यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार अब छोटी गलती पर बड़ी कार्रवाई के बजाय अनुपातिक और न्यायसंगत दंड में विश्वास रखती है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि निर्यातकों के लिए भी बड़ी राहत दी गयी है। 38,000 से अधिक निर्यातकों को सेवाओं और संयंत्र-मशीनरी पर चुकाए गये जीएसटी का रिफंड अब जल्दी मिलेगा। रिफंड क्लेम का 90 प्रतिशत हिस्सा रिस्क बेस्ड जांच के बाद तुरंत जारी होगा। इससे कंपनियों का वर्किंग कैपिटल अनलॉक होगा और सूचना प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कंसल्टिंग जैसी सेवा निर्यात कंपनियों को विशेष लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पंजीकरण, रिटर्न और रिफंड की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। पंजीकरण में होने वाले सामान्य बदलाव अब स्वतः स्वीकार होंगे। छोटे करदाताओं के लिए सालाना रिटर्न की सुविधा जारी रहेगी।
श्री मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली भाजपा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और जीएसटी परिषद के अधिकारियों तथा कर्मचारियों का धन्यवाद करती है। दिल्ली के 10 लाख से अधिक व्यापारी और उद्योग जगत इन सुधारों से सीधे लाभान्वित होंगे। यह ‘जीएसटी2.0’ का दूसरा चरण है जो दरों से हटकर अब प्रणाली को जनता के लिए सरल बनाने पर केंद्रित है।
