
सीधी। गांधी चौक से लालता चौक तक लगने वाला जाम नासूर बन चुका है। शहर का सबसे व्यस्ततम बाजार मार्ग में अक्सर घंटो लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
शहर के बाजार क्षेत्र के साथ ही सोनांचल बस स्टैंड में भी ऑटो-रिक्शा की भरमार के चलते जाम की स्थिति निर्मित रहती है। हालात यह हैं कि नए बस स्टैण्ड और पुराने सोनांचल बस स्टैण्ड के बीच सैकड़ों ऑटो की आवाजाही सुबह 8 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक बनी रहती है। इसी दौरान अधिकांश समय में लंबा जाम लगता है। एक बार जाम लग जाने पर वहां से वाहनों की आवाजाही आधे घंटे बाद ही बड़ी मशक्कत के बाद शुरू हो पाती है। कई बार स्थिति यह हो जाती है कि सोनांचल बस स्टैण्ड से गोपालदास मार्ग में कई ऑटो,रिक्शा इधर-उधर से आकर जाम की बड़ी स्थिति निर्मित कर देते हैं। उस दौरान गोपालदास मार्ग से लेकर लालता चौक तक डाइट कार्यालय तक वाहनों का जाम लग जाता है। जाम को खुलवाने के लिए वाहन चालकों को ही सड़क पर उतर कर लंबी मशक्कत करनी पड़ती है। इसके बाद वाहनों का जाम खत्म होता है। इस तरह की समस्या यहां पर दिन में दर्जनों बार निर्मित होती है। स्कूलों के शुरू हो होने एवं छुट्टी होने के वक्त वाहनों की काफी भीड़ बढ़ जाती है। स्कूल बसों के साथ ही काफी संख्या में ऑटो छात्र-छात्राओं को लेकर लालता चौक, गोपालदास मार्ग एवं सोनांचल बस स्टैण्ड के पीछे से आजाद नगर मार्ग की ओर से होते हुए गांधी चौक पहुंचते हैं।
समस्या का कारण और सुझाव
गांधी चौक से लालता चौक तक सिंगल रोड है। जिसमें जाम का प्रमुख कारण अधिक संख्या में आटो रिक्शा का आवागमन है और सड़क के किनारे खड़े रहने वाले आटो हैं। आटो का आवागमन वन-वे करने से बहुत हद तक समस्या का समाधान हो सकता है। पुराना बस स्टैण्ड बंद हो गया है, अब गांधी चौक से लालता चौक मुख्य मार्ग पर आटो रिक्शा को सुबह 9 से 11 बजे और दोपहर 3 से रात 9 बजे तक जाने वाला वन-वे कर दें। लालता चौक से गांधी चौक तरफ आने वाले आटो को स्टेट बैंक के सामने से बस स्टैण्ड होते हुए आजाद नगर मार्ग पर आवागमन वन-वे कर दें। यदि फिलहाल संभव हो तो अस्थाई तौर पर पुराना बस स्टैण्डको आटो स्टैंड बनाया जा सकता है।
विनय सिंह समाजसेवी सीधी
जाम का प्रमुख कारण क्षमता से ज्यादा शहर में आटो रिक्शा का चलना है। प्रशासन अन्य जिलों की तरह आगे आटो रिक्शा रजिस्ट्रेशन में रोक लगायें और हर मार्ग के लिए नंबरिंग करके उनका रुट निर्धारित किया जाय। दूसरा महत्वपूर्ण एक कारण यह भी हैकि दुकानदार दुकान से ज्यादा दुकान का सामना सड़क में रखते हैं। वहीं ठेला व्यापारी सड़क में ठेला लगा लेते हैं। जिसके कारण अक्सर जाम लगता है। नासूर बने जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने प्रशासन द्वारा समझाइश के बाद सख्त कार्यवाही
करने की आवश्यकता है।
सतीश गुप्ता
युवा व्यवसायी सीधी
इनका कहना है
शहर में पीक आवर्स के दौरान लालता चौक पुराना बस स्टैण्ड के सामने और गांधी चौक तक जाम की समस्या ज्यादा रहती है। स्कूलों के लगने एवं कर्मचारियों की ड्यूटी का समय होने से सुबह एक घंटे तथा दोपहर स्कूलों की छुट्टी होने के साथ ही शाम को दो घंटे पीक आवर्स के दौरान अस्पताल तिराहा से लेकर लालता चौक तक काफी भीड़ रहती है। उपलब्ध संसाधनों से व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
बृजलाल रोकड़े, थाना प्रभारी यातायात सीधी
