सेवा समाप्ति के विरोध में देवास में पटवारियों का शक्ति प्रदर्शन, 2 हजार ने भरी हुंकार

देवास। पटवारियों के खिलाफ सेवा समाप्ति, निलंबन और अन्य दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में बुधवार को देवास में प्रदेशभर के पटवारियों का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। करीब 2 हजार पटवारी भोपाल रोड स्थित गार्डन में जुटे और सभा के बाद नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कलेक्टर के नहीं पहुंचने पर पटवारियों ने करीब दो घंटे प्रदर्शन किया और बाद में कलेक्टर परिसर में धरना शुरू कर दिया। संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक कार्रवाई वापस नहीं ली जाती, आंदोलन जारी रहेगा।

प्रांतीय पटवारी संघ भोपाल एवं मध्यप्रदेश पटवारी संघ, जिला देवास के आह्वान पर पटवारी देवास मुख्यालय पर एकत्रित हुए। पहले भोपाल रोड स्थित गार्डन में सभा की। इसके बाद रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। मध्यप्रदेश पटवारी संघ जिला अध्यक्ष मोहन राठौर ने बताया कि संभागीय अध्यक्ष आशीष कुमावत व प्रांतीय सचिव धर्मेंद्र चौबे के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में पटवारियों ने दंडात्मक कार्रवाई का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग, मध्यप्रदेश शासन के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पटवारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई तत्काल वापस लेने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि स्वामित्व रजिस्ट्री के निष्पादन में निष्पादक बनाए जाने के विरोध में अनुशासनहीनता एवं आदेशों की अवहेलना के आरोप में कलेक्टर एवं नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी ऋतुराज सिंह द्वारा देवास जिले के तीन परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई हैं। इनमें सोनकच्छ तहसील के हल्का घिचलाय में पदस्थ नितिन विश्वकर्मा, देवास ग्रामीण तहसील के हल्का क्रमांक 103 में पदस्थ अजय नागर तथा टोंकखुर्द तहसील में पदस्थ विशाल टईया शामिल हैं। आदेश के अनुसार इन्हें एक माह का अग्रिम वेतन देकर सेवा से पृथक किया गया है।

पटवारी संघ का कहना है कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन, पंजीयन-2026 सहित विभिन्न राजस्व कार्यों से संबंधित विधिक एवं व्यवहारिक समस्याओं से शासन को पूर्व में ही अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद देवास में सेवा समाप्ति तथा प्रदेश के अन्य जिलों में निलंबन एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाना चिंताजनक है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रादेशिक संगठन के निर्णय के अनुसार 7 अक्टूबर से प्रदेशभर का पटवारी संवर्ग ऑनलाइन राजस्व कार्यों से विरत रहेगा। साथ ही पटवारी शासकीय समूहों से भी बाहर रहेंगे। संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक दंडात्मक कार्रवाइयां वापस नहीं ली जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। वहीं 9 अक्टूबर तक जिले के समस्त पटवारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे तथा शनिवार-रविवार को भी मुख्यालय पर उपस्थित नहीं रहेंगे।

कलेक्टर नहीं पहुंचे तो धरने पर बैठे पटवारी-

कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद पटवारियों ने करीब दो घंटे तक कलेक्टर गेट पर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। पटवारियों ने कलेक्टर परिसर में भजन-कीर्तन किया, हनुमान चालीसा का पाठ किया और दरी बिछाकर धरना देने का निर्णय लिया। प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष उज्जैन भगवानसिंह यादव, जिला अध्यक्ष इंदौर मनोज परिहार, जिला अध्यक्ष राजगढ़ शहजाद खान, जिला अध्यक्ष शाजापुर हरिओम हनोतिया, प्रांतीय पटवारी संघ जिला अध्यक्ष धार संजय जाट, जिला अध्यक्ष गुना कृष्ण गोपाल मीणा, जिला अध्यक्ष खरगोन धर्मसिंह सोलंकी, देवास जिला अध्यक्ष दिलीप जाट, इंदौर जिला अध्यक्ष संतोष विश्वकर्मा, उज्जैन जिला अध्यक्ष कृष्णचंद्र शर्मा सहित इंदौर एवं उज्जैन संभाग के विभिन्न तहसील अध्यक्ष और प्रदेश के अनेक जिलों से आए पटवारी उपस्थित रहे। पटवारी संघ ने शासन से मांग की कि देवास में की गई सेवा समाप्ति तथा प्रदेश के अन्य जिलों में की गई निलंबन एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लेकर पटवारियों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित किया जाए।

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