ग्वालियर-
शहर के पॉश इलाके गोविंदपुरी में पुलिस चौकी के सामने संचालित सांई भोज में आम लोगों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यहां दाल, टिक्कड़ व बाटी के नाम से ग्राहकों को भोजन परोसा जा रहा है, लेकिन कई ग्राहकों द्वारा खरीदी गई 200 रुपये की थाली में खराब एवं दुर्गंधयुक्त बाटी मिलने का मामला सामने आया है।बताया जा रहा है कि थाली में परोसी गई बाटी की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि उसे खाने योग्य नहीं माना गया।भोजन में खराबी की शिकायत सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रतिष्ठान में ग्राहकों को खराब भोजन परोसा जा रहा है तो इसकी नियमित जांच और कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग की है।
खाने की गुणवत्ता की जांच की मांग
गोविंदपुरी जैसे व्यस्त और पॉश इलाके में बड़ी संख्या में लोग भोजन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन सकती है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सांई भोज में परोसे जा रहे भोजन, खाद्य सामग्री के रखरखाव, साफ-सफाई तथा खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है।
जिम्मेदार विभाग की भूमिका पर सवाल
मामला सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा ऐसे प्रतिष्ठानों की नियमित जांच कितनी गंभीरता से की जा रही है। यदि जांच में भोजन की गुणवत्ता मानकों के विपरीत पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि भोजन मानकों के अनुरूप पाया जाता है तो विभाग द्वारा स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, ताकि आमजन में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।फिलहाल सांई भोज में खराब भोजन परोसे जाने की शिकायत ने खाद्य सुरक्षा और जिम्मेदार विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।अब देखना होगा कि संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं।
