
जबलपुर। बागेश्वर धाम के नाबालिग के साथ बलात्कार करने वाले का पता लगाने के लिए हाईकोर्ट जस्टिस अजय कुमार निरंकारी ने छतरपुर पुलिस अधीक्षक को निर्देश जारी किये हैं।
नाबालिग के साथ बलात्कार कर गर्भवती करने के आरोप में जेल में निरुद्ध राजू जाटव की तरफ से हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की गयी थी। याचिका में कहा गया था कि उसके खिलाफ आरोप है कि उसने 16 साल की नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार किया। पीड़ित ने पुलिस को दिये गये अपने बयान में कहा था कि आरोपी के द्वारा बलात्कार किये जाने के कारण वह गर्भवती हुई थी। गर्भपात करवाने के बाद भ्रूण का डीएनए टेस्ट करवाया गया था। टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार आरोपी जैविक पिता नहीं था।
एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि पीड़िता ने आरोपी पर जबरदस्ती बलात्कार करने का आरोप लगाया था। पीढ़िता को आरोपी की पत्नी के द्वारा बताये गये स्थान से बरामद किया गया था। पीढ़िता बाद में अपने बयान से मुकर गयी थी। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि डीएनए रिपोर्ट से स्पष्ट है कि आरोपी भ्रूण का जैविक पिता नहीं है। पीढ़ित के साथ किसने बलात्कार किया और भ्रूण का जैविक पिता कौन है, इस संबंध में पतासाजी करने के लिए पुलिस अधीक्षक छतरपुर एसआईटी का गठन करें। पुलिस अधीक्षक दो माह में जांच कर हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करें। एकलपीठ ने उक्त आदेश के साथ जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
