वाशिंगटन, 06 अक्टूबर (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस में न्यूमोनिक प्लेग के संभावित मामले से निपटने में अमेरिका मदद करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस स्थिति को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात नहीं की है।
श्री ट्रंप ने सोमवार को पत्रकारों से कहा, “हमें अभी इसके बारे में पता चला है। हम उनकी मदद करेंगे।” उन्होंने कहा कि अमेरिका “जितना संभव हो सकेगा, उतनी मदद” करेगा।
यह बयान रूसी प्रयोगशाला कर्मी दर्या शिपिलोवा की मौत की रिपोर्टों के बीच आया है। बताया गया है कि वह साइबेरिया के प्लेग निरोधी शोध संस्थान में काम करती थीं और संभवतः प्लेग बैक्टीरिया के संपर्क में आयी थीं। हालांकि, उनकी मौत न्यूमोनिक प्लेग से होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, सुश्री शिपिलोवा की मौत “अज्ञात कारणों से हुए निमोनिया” के कारण हुई और जांच में उनके काम से जुड़े किसी रोगजनक का पता नहीं चला। एहतियात के तौर पर क्षेत्र के पांच अस्पतालों और संस्थान के दर्जनों कर्मचारियों को पृथक निगरानी में रखा गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि इस मामले में मौत के कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। यूरोपीय आयोग ने भी संभावित संक्रमण की स्थिति पर “बहुत करीबी नजर” रखने की बात कही है।
श्री ट्रंप ने कहा कि बीमारियों पर नियंत्रण करना मुश्किल हो गया है क्योंकि “सूक्ष्मजीव और रोगाणु अधिक मजबूत हो गये हैं।” उनकी यह टिप्पणी रोगाणुरोधी प्रतिरोध की ओर संकेत करती प्रतीत होती है। हालांकि, समय रहते पहचान होने पर न्यूमोनिक प्लेग का एंटीबायोटिक दवाओं से उपचार किया जा सकता है।
अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग और विदेश विभाग के साथ व्हाइट हाउस भी स्थिति पर नजर रख रहा है।

