हैदराबाद, देश के छोटे और सीमांत किसानों के आर्थिक भविष्य को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना (PM-KMY) एक बेहद मददगार कदम साबित हो रही है। इस योजना के तहत किसानों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद हर महीने ₹3,000 की सुनिश्चित पेंशन दी जाती है, जिससे उन्हें बुढ़ापे में किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ परिवार में पति और पत्नी दोनों अलग-अलग पंजीकरण कराकर एक साथ उठा सकते हैं। यदि दोनों इस योजना से जुड़ते हैं, तो दोनों को ₹3,000-₹3,000 यानी पूरे परिवार को हर महीने कुल ₹6,000 की पेंशन मिलेगी।
18 से 40 वर्ष की आयु के किसान कर सकते हैं आवेदन, उम्र के हिसाब से तय होता है बेहद कम मासिक अंशदान
यह योजना एक स्वैच्छिक और अंशदान-आधारित पेंशन स्कीम है, जिसमें शामिल होने के लिए किसान की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि जितना मासिक प्रीमियम किसान जमा करता है, ठीक उतनी ही राशि केंद्र सरकार भी अपनी तरफ से उसके पेंशन खाते में योगदान करती है। उम्र के आधार पर यह मासिक प्रीमियम ₹55 से लेकर ₹200 तक होता है, जिसे कम उम्र में जुड़ने पर कम देना पड़ता है। इस योजना का लाभ वे छोटे और सीमांत किसान उठा सकते हैं जिनके नाम पर 2 हेक्टेयर तक की कृषि योग्य भूमि दर्ज है, जबकि आयकरदाता या अन्य सरकारी पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे लोग इसके पात्र नहीं हैं।
आपातकालीन सुरक्षा का भी है पूरा प्रावधान, नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर आसानी से करवाएं रजिस्ट्रेशन
यदि किसी कारणवश 60 वर्ष की आयु से पहले किसी एक साथी की मृत्यु हो जाती है, तो जीवित जीवनसाथी के पास खाते को जारी रखकर भविष्य में पेंशन पाने या ब्याज सहित पूरी जमा राशि वापस लेने का विकल्प होता है। इस योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद सरल है; इच्छुक किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन के दस्तावेजों के साथ आसानी से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।

