
सागर। वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन अवसर पर सागर के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अक्टूबर को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को छोड़ेगे। चीतों के आगमन के साथ ही बुंदेलखंड की धरती पर वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में एक नई शुरुआत होगी।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों का आना सागर सहित पूरे बुंदेलखंड के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि जिस तरह शेर को जंगल का राजा कहा जाता है, उसी तरह चीता खुले मैदान और घास के मैदानी क्षेत्र का प्रमुख वन्यजीव है। चीतों की मौजूदगी से इस क्षेत्र की जैव विविधता और वन्यजीव पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
सागर के लिए बड़ी सौगात: मंत्री राजपूत
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों का आगमन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह केवल वन्यजीवों को बसाने की योजना नहीं है, बल्कि सागर और बुंदेलखंड में पर्यटन, रोजगार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने का अवसर भी है। उन्होंने बताया कि चीतों की सुरक्षा के लिए रिजर्व क्षेत्र में लगभग 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष व्यवस्था और सुरक्षित स्थान विकसित किया गया है, जहां चीतों को अनुकूल वातावरण में रखा जाएगा। वन विभाग द्वारा उनकी निगरानी, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
चीतों के आने से बढ़ेगा वन्यजीव पर्यटन
मंत्री राजपूत ने कहा कि चीते देखने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटक सागर और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की ओर आकर्षित हो सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय होटल, रिसॉर्ट, होम-स्टे, परिवहन, गाइड, वाहन चालक, छोटे व्यवसाय और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को रोजगार एवं आय के नए अवसर मिल सकते हैं। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश में लौट रहा चीता
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लाए गए चीतों को भारत में छोड़ा था। इसके बाद देश में चीता पुनर्स्थापना अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। अब मध्यप्रदेश के अन्य उपयुक्त वन क्षेत्रों में भी चीतों को बसाने की दिशा में कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में विलुप्त हो चुके चीते को फिर से बसाने का जो संकल्प लिया गया था, वह आज जमीन पर दिखाई दे रहा है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों का आगमन उसी व्यापक वन्यजीव संरक्षण अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है।
समापन समारोह में होंगे अन्य कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण
मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि 7 अक्टूबर को वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व पहुंचेंगे और दो चीतों को छोड़ेगे। इस अवसर पर वन्यजीव संरक्षण एवं संबंधित गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान देने वालों के लिए पुरस्कार वितरण सहित अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों चीतों को छोड़ा जाना सागर के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा। यह आयोजन वन्यजीव संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और आने वाले समय में सागर को देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण और पर्यटन के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। 7 अक्टूबर को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों का आगमन सागर के इतिहास में एक यादगार अवसर के रूप में दर्ज होगा।
