सिंगरौली। मोरवा में आयोजित सेवा सेतु शिविर में हितग्राहियों की संख्या नगण्य रहने और व्यवस्थाओं को लेकर विधायक रामनिवास शाह का अधिकारियों पर गुस्सा फूट पड़ा। मंच से विधायक ने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को तीखे तेवर में कहा कि काम नहीं करना है तो छुट्टी पर चले जाएं। उन्होंने अधिकारियों को वातानुकूलित दफ्तरों से बाहर निकलकर फील्ड में जाने और शासन की योजनाओं का बेहतर तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की नसीहत दी।
विधायक की अधिकारियों को फटकार लगाने का वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है और यह मामला सियासी चर्चा का विषय बन गया है। चर्चा है कि विधायक ने कलेक्टर और निगम आयुक्त की कार्यशैली को लेकर प्रदेश भाजपा नेतृत्व और भोपाल तक शिकायत पहुंचाई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं के बीच भी इस तरह की चर्चा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सवाल उठ रहे हैं कि जब सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी अधिकारियों और कर्मचारियों की है, तो एक निर्वाचित विधायक को सार्वजनिक मंच से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाने की नौबत क्यों आई। भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जिले की प्रभारी मंत्री संपतिया उईके की कार्यशैली को लेकर भी चर्चा है और प्रशासन पर अपेक्षित नियंत्रण नहीं होने की बातें कही जा रही हैं। हालांकि यह राजनीतिक चर्चा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, विधायक के तेवर की जहां कई लोग सराहना कर रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे सरकार की प्रशासनिक विफलता बता रहा है। नगरीय निकाय चुनाव से पहले यह पूरा घटनाक्रम भाजपा के लिए सियासी तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
