
इंदौर. पुलिस की नौकरी में कई बार ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें गुस्से और तनाव पर काबू रखना जरूरी होता है. ऐसे में ध्यान करने से मन शांत रखने और किसी भी स्थिति में सोच-समझकर फैसला लेने में मदद मिलती है. इसी उद्देश्य से रविवार को पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) में 1135 नव आरक्षकों को ध्यान कराया.
पुलिस महानिरीक्षक (भोपाल ग्रामीण) रुचिवर्धन मिश्र ने प्रशिक्षुओं से बातचीत करते हुए कहा कि पुलिस की ड्यूटी में कानून और नियमों की जानकारी के साथ व्यवहार और एकाग्रता भी जरूरी है. ध्यान और योग से मन को शांत रखने की आदत विकसित होती है. इससे पुलिसकर्मी मुश्किल परिस्थितियों में भी खुद पर नियंत्रण रख सकते हैं और अपना काम बेहतर तरीके से कर सकते हैं. पीटीसी में चल रहे 79वें प्रशिक्षण सत्र के नव आरक्षकों के साथ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी हार्टफुलनेस ध्यान का अभ्यास किया. इस दौरान संस्था की टीम ने ध्यान की चार विधियों- रिलैक्सेशन, मेडिटेशन, क्लीनिंग और प्रेयर के बारे में बताया. कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक वाहनी सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, उप पुलिस अधीक्षक राममूर्ति शाक्य और शैलजा पटवा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. आईजी रुचिवर्धन मिश्र का कहना है कि पुलिसकर्मियों को अपनी ड्यूटी के दौरान कई तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में ध्यान से मन को शांत रखने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिलती है. प्रशिक्षुओं को इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए, ताकि वे तनाव से बचते हुए बेहतर ढंग से काम कर सकें.
