सतना: कोठी में आयोजित जन विश्वास शिविर में ग्राम पंचायत नयागाँव के ग्रामीणों और पट्टाधारियों ने कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपकर पट्टे की भूमि का सीमांकन कराने और शासकीय जमीन पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटाने की मांग की है
जिले की ग्राम पंचायत नयागांव जनपद पंचायत सोहावल में भूमिहीन आदिवासी परिवारों को आवंटित की गई शासकीय जमीन का विवाद गहरा गया है वर्षों पूर्व आराजी क्रमांक 33, 27 और 97 के तहत भूमिहीन परिवारों को जमीन आवंटित की गई थी, जो प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज भी सिर्फ कागजों तक ही सीमित है आदिवासी किसानों को अब तक मौके पर कब्जा नहीं मिल सका है सतना-चित्रकूट मुख्य मार्ग से सटी इस कीमती जमीन और उससे मिलने वाले मुआवजे को हड़पने के लिए दबंगों की नजर बनी हुई है वहीं, मुख्य मार्ग से कुछ दूरी पर स्थित करीब 45 हेक्टेयर शासकीय जमीन (आराजी क्रमांक 33/1/1/1/1) का भी मौके पर कोई अता-पता नहीं है प्रशासनिक फेरबदल और सीमांकन प्रक्रिया रुकने से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को कोठी में आयोजित जन विश्वास शिविर में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि जब तक जमीन की पहचान और नाप पूरी नहीं होती, तब तक मुआवजे के वितरण पर तत्काल रोक लगाई जाए, साथ ही गायब 45 हेक्टेयर शासकीय भूमि का सीमांकन कर उसे संरक्षित किया जाए, सीमांकन टीम में पूर्व पटवारी को शामिल कर पारदर्शी तरीके से नाप कराई जाए और पीड़ित परिवारों को उनका हक दिलाया जाए
वर्षों पहले मिली थी जमीन अभी तक नहीं मिला कब्जा
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए आवेदन के अनुसार, ग्राम पंचायत नयागाँव में आराजी क्रमांक 33, 27, 97 की शासकीय भूमि वर्षों पूर्व आदिवासी एवं हरिजन समाज के गरीब किसानों को आवंटित की गई थी। कागजों में तो यह जमीन उन्हें आवंटित दिखा दी गई, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी आज तक उन्हें मौके पर भौतिक कब्जा नहीं मिल सका है। हैरानी की बात यह है कि इसी आवंटन और आराजी के आधार पर किसानों को किसान सम्मान निधि बैंक लोन और न्यायालय में जमानत जैसी सुविधाएं तो मिल रही हैं, लेकिन वास्तव में जमीन उनके पास नहीं है
गलत लोगों को मुआवजा देने की तैयारी का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि वे बार-बार आवेदन और ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन राजस्व अमले ने आज तक मौके पर जाकर हितग्राहियों की जमीन का सीमांकन नहीं किया आरोप है कि अब राजस्व प्रशासन इन्हीं दबंगों और अवैध कब्जाधारियों के पक्ष में कब्जा मानकर उन्हें मुआवजा देने की फिराक में है
