गोयल ने जी20 की बैठक में नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली पर दिया बल

नयी दिल्ली, 01 अक्टूबर (वार्ता) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जी20 समूह के व्यापार मंत्रियों की बैठक में जनता की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों तथा नियमों पर आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के प्रति भारत के रुख को दोहराया और अनाज के व्यापार को राजनीतिक हथियार बनाये जाने के विरुद्ध एक बयान पर सहमति जतायी।

यह बैठक अमेरिका के विस्कॉन्सिन प्रांत के मिल्वौकी में आयोजित की गयी है।

श्री गोयल ने बैठक के दौरान प्रमुख जी20 साझेदारों के व्यापार मंत्रियों और प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।

सम्मेलन में खाद्य और व्यापार विषय पर आयोजित सत्र में श्री गोयल ने कहा कि सभी के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसानों के लिए बेहतर अवसर पैदा करना भारत की नीति के केंद्र में है। उन्होंने दोहराया कि भोजन का इस्तेमाल कभी भी किसी देश के खिलाफ दबाव बनाने के हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दक्षिण के विकासशील और गरीब देश वैश्विक संघर्षों के कारण पैदा अनाज, ईंधन और उर्वरक संकट से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं।

श्री गोयल ने पुरजोर तीरके से कहा, ‘आज उर्वरक की कमी कल खाद्य संकट बन सकती है।’

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान, अपने 1.4 अरब से ज़्यादा नागरिकों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की और ज़रूरतमंद कई देशों को अनाज की आपूर्ति की। अब भी देश में 80 करोड़ से ज़्यादा लोगों को मुफ़्त अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अनाज का सार्वजनिक भंडार बनाये रखता है। इसके लिए सरकार छोटे और सीमांत किसानों से खरीद करती है और फसल कम होने की स्थिति में किफायदी दाम पर अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी और पारदर्शी उपाय करती है।

उन्होंने कहा कि भारत की खाद्य सुरक्षा प्रणाली को डब्ल्यूटीओके तहत मान्यता प्राप्त है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाये गये कदमों और दबाव डालने वाले व्यापारिक कदमों के बीच स्पष्ट अंतर करने का आह्वान किया।

श्री गोयल ने मौजूदा प्रणाली का भी ज़िक्र किया, जिसमें 2011 में बना जी20 कृषि विपणन सूचना प्रणाली और डब्ल्यूटीओ की 12वीं मंत्रिस्तरीय बैठक में विश्व अनाज कार्यक्रम के लिए की जाने वाली अनाज की खरीद को निर्यात प्रतिबंधों से छूट दी गयी है। नियमों पर आधारित निष्पक्ष, बिना भेदभाव वाले, न्यायसंगत, पारदर्शी, खुले, समावेशी और बहुपक्षीय व्यापार सिस्टम के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया और कहा कि इसके केंद्र में डब्ल्यूटीओ का रहना अनिवार्य है।

सम्मेलन में शामिल व्यापार मंत्रियों ने ‘दबाव डालने वाले व्यापार कदमों के ज़रिए अनाज को हथियार बनाने पर जी20 का बयान’ शीर्षक दस्तावेज पर सहमति बनाई और इस विषय पर सहयोग जारी रखने की इच्छा जतायी।

इससे पहले दिन में श्री गोयल ने जी20 व्यापार मंत्रियों और अमेरिका के व्यापार राजदूत जेमिसन ग्रीर के साथ मिलकर विस्कॉन्सिन के मेक्वॉन में रॉकवेल ऑटोमेशन के ऑफिस और फैक्ट्री का दौरा किया।

श्री गोयल ने ब्राज़ील के विकास, उद्योग, व्यापार और सेवा मंत्री और विदेश मंत्री; अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि; व्यापार और आर्थिक सुरक्षा के लिए यूरोपीय कमिश्नर; ब्रिटेन के व्यापार, नवाचार, विज्ञान और व्यापार राज्य सचिव और बोर्ड ऑफ़ ट्रेड के अध्यक्ष; मैक्सिको के अर्थव्यवस्था सचिव; और पोलैंड गणराज्य के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।

उन्होंने मिल्वौकी आर्ट म्यूज़ियम में अमेरिका के कृषि विभाग के एंबेसडर ग्रीर और सेक्रेटरी रॉलिन्स द्वारा आयोजित स्वागत रात्रिभोज में भी भाग लिया।

 

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