नई दिल्ली। युद्ध का असर सिर्फ बॉर्डर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन के जरिए आपकी रसोई तक भी पहुंच सकता है। यूक्रेन और ईरान-गल्फ संघर्ष के बीच अनाज की सप्लाई, फर्टिलाइजर, तेल और गैस की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ी है। ब्लैक सी जैसे अहम ट्रेड रूट प्रभावित होने से गेहूं की वैश्विक सप्लाई पर दबाव पड़ सकता है। वहीं फर्टिलाइजर और ऊर्जा महंगी होने से किसानों की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर आने वाली फसलों और खाद्य कीमतों पर दिखाई दे सकता है। हालांकि भारत के पास गेहूं और चावल का बड़ा सरकारी स्टॉक मौजूद है, इसलिए तुरंत बड़े संकट की आशंका नहीं है। लेकिन अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो आने वाले महीनों में खाद्य कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इस एक्सप्लेनर में समझिए युद्ध, अनाज की सप्लाई और आपकी थाली के बीच क्या कनेक्शन है।
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भोपाल। रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस का शक घर के केयरटेकर वरुण कुमार पर है, जो वारदात के बाद से फरार है। सूरज नगर स्थित घर में बुधवार सुबह राकेश अग्रवाल का शव मिला था। […]

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