वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर बड़ा बदलाव घोषित किया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका में अब AI के लिए ‘Super Intelligence’ यानी SI नाम का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर भी हस्ताक्षर किए हैं। आदेश के तहत अमेरिकी संघीय एजेंसियों को आधिकारिक संचार और दस्तावेजों में नए शब्द का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है।
ट्रंप का कहना है कि ‘Artificial Intelligence’ में इस्तेमाल होने वाला ‘Artificial’ शब्द इस तकनीक की वास्तविक क्षमता को सही तरीके से नहीं दर्शाता। उन्होंने SI को इंटरनेट और औद्योगिक क्रांति से भी बड़ी तकनीकी प्रगति बताया और कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र में चीन से आगे है।
*CNN पर ट्रंप का तंज*
व्हाइट हाउस में टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान मीडिया के सवालों पर भी ट्रंप का खास अंदाज देखने को मिला। CNN की ओर से AI की सुरक्षा और संभावित जोखिमों को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। इसी संदर्भ में ट्रंप ने मीडिया पर निशाना साधते हुए CNN को ‘फेक न्यूज’ कहा और बाद में ‘Artificial News’ शब्द का भी इस्तेमाल किया।
*मस्क, जुकरबर्ग और पिचाई समेत टेक दिग्गज मौजूद*
बैठक में एलन मस्क, मेटा के मार्क जुकरबर्ग, गूगल के सुंदर पिचाई, एंथ्रोपिक के डारियो अमोडेई, NVIDIA के जेन्सेन हुआंग और OpenAI के ग्रेग ब्रॉकमैन समेत कई प्रमुख टेक अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान कंपनियों ने AI सुरक्षा के लिए स्वैच्छिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसमें आंतरिक सुरक्षा नियंत्रण, स्वतंत्र बाहरी ऑडिट और बोर्ड स्तर पर निगरानी जैसी व्यवस्थाओं पर सहमति बनी।
*AI को लेकर सवाल पर ट्रंप का ‘SI’ correction*
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान जब AI एजेंट्स की गतिविधियों और उनके लिए जिम्मेदारी से जुड़ा सवाल आया, तो ट्रंप ने बीच में ही ‘AI’ को सुधारते हुए ‘SI यानी Super Intelligence’ कहने पर जोर दिया। यही छोटा-सा correction सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।
मस्क ने भी बैठक के बाद कंपनियों के बीच निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हुए समझौते का जिक्र किया। उनके मुताबिक इसमें कंपनियों के बीच संयुक्त निगरानी और बोर्ड की विशेष समितियों जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
*डेटा सेंटर और स्थानीय लोगों की भागीदारी पर भी जोर*
बैठक में AI के लिए जरूरी डेटा सेंटर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी चर्चा हुई। ट्रंप ने कहा कि जिन इलाकों में डेटा सेंटर बनाए जाएंगे, वहां की स्थानीय कम्युनिटी को भी इन परियोजनाओं से फायदा मिलना चाहिए।
AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ बड़े डेटा सेंटर, अत्याधुनिक चिप्स और भारी मात्रा में बिजली की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे में अमेरिका में AI के विकास के साथ-साथ सुरक्षा, ऊर्जा और डेटा सेंटर के स्थानीय प्रभाव जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में हैं।
