तेहरान। हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया के प्रमुख तेल और गैस आपूर्ति मार्गों में शामिल है। अगर यहां लंबे समय तक आवाजाही बाधित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर पेट्रोल, डीजल और हवाई ईंधन की लागत के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स पर भी पड़ सकता है।
हालांकि भारत के पास रणनीतिक तेल भंडार और अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीदने के विकल्प मौजूद हैं, इसलिए इसका असर तुरंत ईंधन की कमी के रूप में दिखना जरूरी नहीं है। लेकिन लंबे समय तक सप्लाई बाधित रहने पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
