भोपाल। भोपाल विकास योजना 2047 के ड्राफ्ट में नगर विस्तार के लिए करीब 59 हजार करोड़ रुपए की जरूरत का अनुमान लगाया गया है। इसमें करीब 30 हजार हेक्टेयर भूमि के विकास की बात है। सार्वजनिक उपयोग के लिए करीब 7 हजार हेक्टेयर जमीन के अर्जन पर 14 हजार करोड़ और नगर स्तरीय अधोसंरचना पर 45 हजार करोड़ रुपए का अनुमान है। यह स्वीकृत बजट नहीं, बल्कि संभावित खर्च का आकलन है।
क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष और अर्बन डेवलपमेंट रिसर्चर मनोज मीक के नेतृत्व में ‘कमाल का भोपाल’ की रिसर्च में सुझाव दिया गया है कि 2047 के दीर्घकालीन प्लान के साथ पहले 5 वर्षों का परियोजनावार रोडमैप, वित्तीय तैयारी और सार्वजनिक प्रगति रिपोर्ट भी स्पष्ट हो।
रिसर्च में हर परियोजना के लिए जमीन की स्थिति, जिम्मेदार विभाग, वित्तीय स्रोत, काम शुरू होने की शर्त और रखरखाव का खर्च स्पष्ट करने पर जोर दिया गया है। साथ ही, पुराने अनुभवों के आधार पर फैसलों पर हुई कार्रवाई का हिसाब सार्वजनिक करने और निजी भागीदारी वाली परियोजनाओं में जवाबदेही तय रखने का सुझाव दिया गया है।
रिसर्च का फोकस है कि मास्टर प्लान 2047 में सिर्फ बड़े विकास कार्यों और खर्च का अनुमान ही नहीं, बल्कि समयसीमा, जिम्मेदारी और नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं का स्पष्ट रोडमैप भी सामने आए।
