वाशिंगटन, अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक तनाव को कम करने और आर्थिक संबंधों को नई स्थिरता देने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है। दोनों महाशक्तियों ने एक-दूसरे के बीच होने वाले 30 अरब डॉलर (USD 30 Billion) मूल्य के गैर-संवेदनशील सामानों पर सीमा शुल्क (टैरिफ) को कम करने की सिफारिश की है। इस नए और व्यापक “30-फॉर-30” फ्रेमवर्क की आधिकारिक घोषणा अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमीसन ग्रीर द्वारा की गई। यह महत्वपूर्ण फैसला चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद लिया गया है।
अमेरिका के कृषि और स्वास्थ्य उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा, चीन से आने वाली 77 श्रेणियों की उपभोक्ता वस्तुओं पर भी घटेगा टैक्स
इस नए व्यापार समझौते के तहत दोनों देशों ने पारस्परिक लाभ के लिए विशिष्ट उत्पादों की सूचियां तैयार की हैं, जिससे दोनों पक्षों के बाजारों को सीधा और बड़ा फायदा पहुंचेगा। अमेरिका से चीन को होने वाले निर्यात के तहत अमेरिकी कृषि उत्पादों (जैसे अनाज, मांस और डेयरी) तथा चिकित्सा उपकरणों को कम शुल्क पर चीनी बाजार में आसान पहुंच मिलेगी। इसके बदले में, अमेरिका ने चीन से आयात होने वाली 77 श्रेणियों की उपभोक्ता वस्तुओं—जैसे घरेलू सामान, खिलौने, प्लास्टिक के बर्तन, रसोई के उपकरण और खेल के सामान—पर टैरिफ कम करने पर अपनी सहमति जताई है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए गठित विशेष ‘यूएस-चाइना बोर्ड ऑफ ट्रेड’ के शीर्ष अधिकारी हर तिमाही बैठक कर इसकी प्रगति की समीक्षा करेंगे।
वैश्विक अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती, ट्रम्प प्रशासन ने अमेरिकी किसानों और व्यापारियों के हितों को बताया सर्वोपरि
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने इस सफलता का श्रेय राष्ट्रपति ट्रम्प और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंधों को दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रम्प प्रशासन अमेरिकी किसानों, श्रमिकों और व्यवसायों के हितों की रक्षा के लिए चीन के साथ निष्पक्ष और संतुलित व्यापार जारी रखेगा। वहीं, चीनी सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों देशों की आर्थिक टीमों द्वारा तैयार की गई यह नई व्यवस्था मंदी से जूझ रही वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा और मजबूती प्रदान करेगी। दोनों देशों में इन स्वीकृत सूचियों पर भविष्य में मिलने वाली टैरिफ कटौतियों को उनकी घरेलू कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार लागू किया जाएगा।

