जबलपुर: हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की एकलपीठ ने दुष्कर्म के आरोप से जुड़े मामले में आयुध निर्माणी खमरिया के कर्मचारी नेता अर्नब दासगुप्ता को अग्रिम जमानत का लाभ दिया है। एकलपीठ ने यह राहत इस शर्त के साथ दी है कि याचिकाकर्ता पुलिस जांच में सहयोग करेगा।
आवेदक की ओर से अधिवक्ता प्रसन्नजीत चटर्जी और कबीर पाल ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि शिकायतकर्ता महिला के विरुद्ध आवेदक कर्मचारी नेता ने मंदिर में हंगामा करने के मामले में पहले एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद महिला की ओर से दुष्कर्म का आरोप लगाया गया। अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि शिकायत में जिस तारीख को कथित घटना होना बताया गया है, उस दिन आवेदक देहरादून से दिल्ली के बीच यात्रा कर रहा था। इस संबंध में उसके पक्ष में यात्रा संबंधी तथ्य भी बताए गए। दलीलों पर विचार के बाद एकलपीठ ने कर्मचारी नेता अर्नब दासगुप्ता को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राहत का लाभ पुलिस जांच में सहयोग की शर्त के अधीन रहेगा।
