नयी दिल्ली, 23 सितंबर (वार्ता) अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा सार्वजनिक होने के बाद उत्तर प्रदेश का राजनैतिक माहौल बदल गया है और पूरा विपक्ष कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रदेश को नयी राह पर ले जाने को नजर आता है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी तथा कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख राजेंद्र पाल गौतम ने बुधवार को यहां पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि इस समय उत्तर प्रदेश में माहौल कांग्रेस के लिए अनुकूल है। श्री गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का बड़ा असर हो रहा है और प्रदेश का युवा श्री गांधी के साथ खड़ा है, इसका ताजा उदाहरण प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ में उमड़ा जन सैलाब है। चढ़ावा चोरी पर कांग्रेस का जो आक्रामक रुख रहा है उससे जनता में सकारात्मक संदेश गया है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का भ्रष्टचार हर जुबान पर चढ़ रहा है।
यह पूछने पर कि उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी सभी विपक्षी दलों को मिलकर भाजपा को हराने के लिए एकजुट होने का आह्वान कर रहे हैं इस पर क्या रुख है, तो उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि ओवैसी की पार्टी विपक्षी कहीं से नहीं है। उनका कहना था कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपने गठबंधन के साथियों को साथ लेकर चलने का प्रयास करेगी लेकिन राजनीतिक ध्रुवीकरण को महत्व नहीं देगी। उनका कहना था कि राजनीतिक ध्रुवीकरण करना कांग्रेस की राजनीति के अनुकूल कभी नहीं रहा है।
बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती से उनकी मुलाकात को क्या गठबंधन के प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए, उन्होंने कहा “बहिन जी से मिलने का प्रयास किया था। यह प्रयास उनके घर के सामने आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया गया लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। यह नितांत व्यक्तिगत प्रयास था क्योंकि मैं भी दलित समाज से हूं और मैं बहिन जी का अत्यंत सम्मान करता हूं। कांशीराम जी के बाद वह ही दलित आंदोलन को आगे ले जाने वाली प्रमुख नेता रही हैं। बहुजन समाज के हितों के लिए काम करने वाले हर नेता का मैं सम्मान करता हूं।”
सपा के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति बहुत अच्छी है। पार्टी सभी सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की स्थिति में है। उनका कहना था कि चढ़ावा चोरी का खुलासा होने के बाद भाजपा का ग्राफ बहुत नीचे चला गया है और चढावा चोरी की भाजपा को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
