ब्यावरा: ब्यावरा के बरखेड़ा कॉलोनी गांव में रविवार को एक महिला की जहरीला पदार्थ पीने से मौत हो गई. पोस्टमार्टम के बाद शव को सिविल अस्पताल के बरामदे में रखने के आरोपों के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं. मृतका की पहचान घीसालाल अहिरवार की पत्नी वैजयंती बाई के रूप में हुई है.
जानकारी के अनुसार, वैजयंती बाई ने रविवार को अज्ञात कारणों से जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया था. गंभीर हालत में उन्हें ब्यावरा सिविल अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया.बताया गया है कि वैजयंती बाई के दो बेटे हैं, जिनसे वह अलग रहती थीं. महिला द्वारा जहरीला पदार्थ पीने के पीछे के वास्तविक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है. पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है.
पोस्टमार्टम के बाद अस्पताल प्रबंधन पर संवेदनहीनता के आरोप लगे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि शव वाहन का इंतजार कर रहे परिजनों और ग्रामीणों के सामने ही शव को पोस्टमार्टम कक्ष से बाहर निकालकर बरामदे में जमीन पर रख दिया गया. इस घटना पर ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी जताई.गांव के निवासी गोपालदास वर्मा ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को सम्मानजनक तरीके से रखने की जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होती है. उन्होंने इस कथित लापरवाही की गहन जांच की मांग की है. इस संबंध में सिविल अस्पताल ब्यावरा के बीएमओ डॉ. जलालुद्दीन शेख ने बताया कि शव वाहन के लिए नगर पालिका को सूचित कर दिया गया था. उन्होंने आश्वासन दिया कि शव को बरामदे में जमीन पर रखने के मामले की जांच कराई जाएगी. डॉ. शेख ने जोर देकर कहा, मृतक के शव का सम्मान होना चाहिए. उन्होंने जांच के बाद स्थिति स्पष्ट करने की बात कही
