नई दिल्ली, भारतीय हॉकी के महान दिग्गज मेजर ध्यानचंद की 121वीं जयंती के उपलक्ष्य में हर साल 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष देशव्यापी अभियान के तहत 28 से 30 अगस्त 2026 तक विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
मेजर ध्यानचंद का स्वर्णिम हॉकी करियर
मेजर ध्यानचंद ने अपने 22 साल लंबे करियर (1926-1948) में 400 से अधिक गोल दागे और भारत को 1928, 1932 और 1936 के लगातार तीन ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक दिलाया। बर्लिन ओलंपिक में उनके शानदार प्रदर्शन से प्रभावित होकर तत्कालीन जर्मन चांसलर एडोल्फ हिटलर ने उन्हें जर्मनी की नागरिकता और उच्च पद का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने देशप्रेम के चलते ठुकरा दिया था।
पद्म भूषण और खेल रत्न सम्मान
भारतीय खेल जगत में उनके अभूतपूर्व योगदान के सम्मान में देश के सर्वोच्च खेल सम्मान ‘मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार’ का नाम उनके नाम पर रखा गया है। उन्हें 1956 में देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से भी अलंकृत किया गया था, और आज भी उनका जीवन देश के हर युवा खिलाड़ी के लिए एक प्रेरणा स्रोत है।

