जबलपुर:नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के वार्ड क्रमांक 17 में एक बुजुर्ग अपनी मृत पत्नी के शव को छोडक़र चला गया। ड्यूटी डॉक्टर द्वारा मामले की जानकारी मोक्ष मानव सेवा एवं जन उत्थान समिति के संयोजक को दी गई, जिसके बाद मोक्ष टीम सक्रिय हुई और बुजुर्ग को तलाश कर वापस अस्पताल लाई। इसके बाद मृतिका का अंतिम संस्कार कराया गया।मोक्ष संस्था के आशीष ठाकुर ने बताया कि डिंडोरी जिले के ग्राम कजहारा, पंचायत एवं थाना शाहपुरा , देवरी निवासी लगभग 60 वर्षीय मानक अपनी करीब 40 वर्षीय पत्नी मंगली बाई का टीबी का इलाज कराने के लिए 1 अगस्त 2026 को जबलपुर मेडिकल कॉलेज आया था।
इलाज के दौरान 20 अगस्त की सुबह मंगली बाई की मौत हो गई। मानक के पास न तो शव को गांव ले जाने के लिए किराये के पैसे थे और न ही अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त साधन। इसी मजबूरी में वह अपनी पत्नी का शव वार्ड क्रमांक 17 में छोडक़र बाहर चला गया। जब ड्यूटी डॉक्टर ने इसकी सूचना मोक्ष संस्था को दी तो संयोजक आशीष ठाकुर ने तत्काल मोक्ष के सदस्यों को सक्रिय किया। शाम करीब 5 बजे बुजुर्ग मानक की पहचान हुई। पता चला कि वह अपनी पत्नी के शव को छोडक़र डिंडोरी जाने के लिए मदन महल तक पहुंच गया था और किराये के पैसों की व्यवस्था तलाश रहा था। मोक्ष टीम ने उसे वापस मेडिकल अस्पताल बुलाया और उसके साथ मंगली बाई के शव को लेकर चौहानी श्मशान घाट पहुंची, जहां विधि-विधान एवं सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया गया। संस्था की ओर से मानक के भोजन और वापस गांव जाने के किराये की भी व्यवस्था की गई। इस दौरान मोक्ष टीम के योगेश ककोरी, वीरू बर्मन, अमर गुप्ता, सतीश, सचिन स्वामी उपस्थित रहे ।
