
उज्जैन। श्रावण के पहले सोमवार को हजारों श्रद्धालुओं की भस्मारती में भीड़ के चलते उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह महाकाल मंदिर में अचानक अल सुबह ही निरीक्षण करने पहुंच गए थे। उन्हें वहां काफी गड़बडिय़ां मिली थी। लेकिन उस समय वे कुछ नहीं बोले थे। मंगलवार को कार्रवाई सामने आई जब मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने आदेश जारी कर भस्मारती के प्रभारी व सहायक को हटा दिया।
कलेक्टर सिंह प्रशासन व मंदिर समिति के अधिकारियों के साथ भस्मारती के प्रवेश द्वार पर पहुंचे थे। जब उन्होंने यहां तैनात समिति के कर्मचारियों से जानकारी ली तो वे संतुष्ट जनक जवाब नहीं दे पाए थे। इसके बाद उन्होंने भस्मारती करने के लिए लाइन में खड़े श्रद्धालुओं से भी बातचीत कर फीडबैक लिया था। इस पर उन्हें कुछ गड़बडिय़ां मिली थीं। लेकिन श्रावण सोमवार की दर्शन व सवारी की व्यवस्था में लगने के कारण वे उस समय कुछ नहीं कर पाए थे। मंगलवार को कलेक्टर ने मंदिर प्रशासक कौशिक से चर्चा की और इसके बाद भस्मारती के प्रभारी समिति के कर्मचारी आशीष दुबे और सहायक संजय सिंह परिहार को भस्मारती की व्यवस्था से तत्काल हटा दिया। समिति के प्रशासक कौशिक ने बताया कि फिलहाल हटाए गए कर्मचारियों को महाकाल लोक की व्यवस्थाओं में लगाया गया है। साथ ही उनके स्थान पर मंदिर के कोठार में सहायक प्रभारी महेंद्र काकड़े को भस्म आरती का नया प्रभारी और प्रोटोकॉल शाखा में पदस्थ सावन प्रजापति को सहायक प्रभारी बनाया गया है।
