
विशेष संवाददाता भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को प्रदेश की भाजपा सरकार पर चुनावी पारदर्शिता, निवेश, रोजगार, नगरीय मास्टर प्लान और नगर निकायों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में सिंघार ने प्रदर्शनकारियों को भीड़ बताने की आलोचना करते हुए कहा कि नागरिकों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाने का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने बैलेट पेपर से चुनाव कराने और ईवीएम का इस्तेमाल बंद करने की कांग्रेस की मांग पर स्थिति स्पष्ट करने की बात कही। साथ ही मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भी चिंता जताई।
सिंघार ने निवेश संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि घोषित निवेश में से वास्तव में कितना जमीन पर उतरा है। उन्होंने सेमीकंडक्टर परियोजनाओं के शुरू होने की समय-सीमा और उनसे मिलने वाले रोजगार की जानकारी मांगी। सरकारी पोर्टलों पर पंजीकृत 25 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार देने की दिशा में उठाए गए कदमों पर भी जवाब मांगा।
नगरीय मास्टर प्लान के संबंध में उन्होंने आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय देने तथा किसानों, व्यापारियों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ खुली चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने नगर निकायों में खरीदी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
