चीन पर नरमी और बढ़ती आर्थिक निर्भरता पर जवाब दें मोदी : कांग्रेस

नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (वार्ता) कांग्रेस ने चीन के साथ सीमा पर तनाव, बढ़ते व्यापार घाटे तथा आर्थिक निर्भरता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को चिंताजनक बताते हुए इस मुद्दे पर उनसे स्पष्ट जवाब की मांग की है।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री की ओर से चीन को लगातार रियायतें देने का सिलसिला जारी है, दूसरी ओर भारत-चीन सीमा पर हालिया टकरावों में भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के प्रदर्शन की उसके महानिदेशक ने सराहना की है। उन्होंने कहा कि श्री मोदी और उनका पूरा तंत्र इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।

श्री रमेश ने कहा कि अरुणाचल के ताकसिंग में टकराव के बाद पिछले महीने अरुणाचल प्रदेश के वाचा और दमाई में कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, लद्दाख की तरह एक बार फिर गश्त के कुछ बिंदु भारत के हाथ से निकल गए हैं। उन्होंने चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के शहरों के नाम बदलने और वहां 60,000 मेगावाट का बांध बनाने की योजना पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे पारिस्थितिकी और जल सुरक्षा को बड़ा खतरा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 112 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष 99 अरब डॉलर था। इससे कई उद्योगों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘मेक इन इंडिया’ अब ‘इम्पोर्ट फ्रॉम चाइना’ बन गया है और बढ़ता व्यापार घाटा देश की आर्थिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।

श्री रमेश ने 19 जून 2020 को चीन के संदर्भ में प्रधानमंत्री के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज भी उस बयान की कीमत चुका रहा है। उन्होंने कहा कि श्री मोदी का यह बयान 20 भारतीय जवानों की शहादत के बाद आया था।
कांग्रेस नेता ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे के उस खुलासे का भी उल्लेख किया जिसमें लद्दाख में चीनी घुसपैठ के दौरान उन्हें केवल “जो उचित समझो वो करो” निर्देश मिलने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि चार जुलाई 2025 को उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के सैन्य अभियान में चीन की व्यापक भूमिका का खुलासा किया था जबकि गत 25 अगस्त को पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने सार्वजनिक रूप से उनके खुलासों का खंडन किया। श्री रमेश ने इस घटनाक्रम के बाद जनरल चौहान के आरएसएस- भाजपा विचारधारा से जुड़े एक प्रमुख थिंक टैंक की कमान संभालने का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि सीमा पर तनाव के बावजूद चीन के प्रति नरमी और आर्थिक मोर्चे पर बढ़ती निर्भरता किस तरह का राष्ट्रवाद है। श्री रमेश ने कहा कि देश को खोखले दावों की नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर स्पष्ट जवाब की जरूरत है।

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