निलंबन के 8 माह के वेतन बिल पास करने मांगी 10 हजार की रिश्वत

इंदौर. निलंबन अवधि के आठ माह के वेतन के करीब 2.30 लाख रुपए के बिल पास करने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने झाबुआ में ट्रैप कार्रवाई की. विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 को रिश्वत की राशि लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा. मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी की भूमिका भी सामने आई है.

शिकायतकर्ता धूम सिंह पिता पुन सिंह सिंगाड़, शासकीय बालक छात्रावास सेमलिया बड़ी, झाबुआ में अधीक्षक हैं. उन्होंने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की थी कि निलंबन अवधि के आठ माह के वेतन के करीब 2.30 लाख रुपए के बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगी जा रही है. शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप की योजना बनाई. गुरुवार को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, झाबुआ में कार्रवाई के दौरान सहायक ग्रेड 3 पवन सिंह बिलवाल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया. विकासखंड शिक्षा अधिकारी जय नारायण बैरागी ने अपने अधीनस्थ कर्मचारी के माध्यम से रिश्वत की राशि दिलवाई थी. मामले में दोनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है. लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने बताया कि मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है.

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