नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (वार्ता) देश में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने, मिट्टी की सेहत सुधारने और कृषि लागत में कमी लाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी से करेंगे।
इस अभियान का आयोजन केंद्रीय कृषि मंत्रालय 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक करेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित इस 40 दिवसीय अभियान के शुभारंभ अवसर पर श्री चौहान सीधे खेतों के बीच किसानों के साथ चौपाल चर्चा करेंगे और पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। इस राज्यस्तरीय समारोह में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा सहित केंद्र और राज्य के कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
अभियान के आगाज से पहले श्री चौहान ने देश के अन्नदाताओं को संदेश देते हुए कहा है कि धरती, पानी और किसानों का पसीना ही राष्ट्र की असली ताकत है, और जब खेत की मिट्टी उपजाऊ रहेगी तभी किसान खुशहाल होगा। उन्होंने बताया कि पिछली बार खरीफ में 93 लाख से अधिक किसानों ने सहभागिता कर इसे जन-आंदोलन बनाया था, और इस बार भी वैज्ञानिक सीधे किसानों के खेतों तक दस्तक देंगे।
केंद्रीय मंत्री ने किसानों से चार प्रमुख संकल्प लेने का आह्वान किया हैं कि मिट्टी की जांच के अनुसार ही संतुलित खाद का उपयोग करें, पराली को जलाने के बजाय मिट्टी में मिलाकर खाद बनाएं, धान-गेहूं के अलावा दलहन-तिलहन व बागवानी को जोड़कर फसल चक्र अपनाएं, और प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पीएम-किसान, फसल बीमा व केसीसी का शत-प्रतिशत लाभ उठाएं।
लगभग एक करोड़ किसानों तक पहुंच बनाने के संकल्प के साथ चलने वाले इस अभियान के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों और ‘आत्मा’ की 4,150 से अधिक संयुक्त टीमें मैदान में उतरेंगी, जिनमें 12 हजार से अधिक कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी सीधे ग्राम पंचायत स्तर तक किसान चौपालों, प्रशिक्षण और खेत प्रदर्शनों के जरिए किसानों को जागरूक करेंगे, ताकि ‘खेत बचेगा, तभी किसान समृद्ध होगा’ की परिकल्पना धरातल पर साकार हो सके।