मुंबई, 19 अक्टूबर (वार्ता) मुंबई का वर्ली इलाका इस महानगर में व्यावसायिक कार्यालय परिसरों के एक नये बाजार के रूप में तेजी से उभर रहा है और बीकेसी (बांद्रा कुर्ला काम्प्लेक्स) को कड़ी टक्कर दे रहा है। अचल सम्पत्ति बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक वर्ली और बीकेसी में व्यावसायिक कार्यालय परिसरों के किराए लगभग बराबरी के स्तर पर आ चुके हैं। इस समय मुंबई में ऑफिस परिसरों में खाली जगह का हिस्सा 16 वर्षों के निचले स्तर पर है जहां वर्ली नाका पर परिवहन की आधुनिक सुविधाएँ मिलती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ऑफिस की जगह खरीदकर स्वामित्व हासिल करने के इच्छुक कंपनियों और निवेशकों की जरूरत के अनुरूप संपत्तियों की आपूर्ति अभी भी पर्याप्त नहीं है।
रियल एस्टेट कंपनी समूह प्रेस्कॉन ग्रुप के निदेशक वेदांशु केडिया का कहना है, ” वर्ली नाका मुंबई की तीन सबसे महत्वपूर्ण यातायात परियोजनाओं-मेट्रो लाइन 3, कोस्टल रोड और सेवरी-वर्ली कनेक्टर- के दो किलोमीटर के दायरे में एक-दूसरे से जुड़ा है। यहाँ ऑफिस स्पेस का किराया पहले ही बीकेसी के स्तर तक पहुँच चुका है।”
श्री केडिया का कहना है कि वर्ली की संपत्तियों के पूंजीगत मूल्य अभी उस अनुपात में नहीं बढ़े हैं जिससे यह इलाका निवेशकों के लिए एक अवसर प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय महानगर में निवेशकों और ऑफिस स्पेस के उपयोगकर्ताओं की विशिष्ट जरूरतों के अनुरूप तैयार की गई संपत्तियों की कमी दिख रही है।
इस मुद्दे पर द गार्जियंस रियल एस्टेट एडवाइजरी के मैनेजिंग डायरेक्टर,खेत्सी बारोट की सलाह है कि वर्ली के वाणिज्यिक अचल सम्पत्ति बजाार में में संपत्तियों के मूल्यांकन में हो रही वृद्धि यह दर्शाती है कि किस प्रकार बुनियादी ढाँचे का विकास रियल एस्टेट की कीमतों को बढ़ावा दे सकता है और कंपनियों की ऑफिस लोकेशन संबंधी प्राथमिकताओं को नया स्वरूप दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बीकेसी अब भी मुंबई का एक प्रमुख व्यावसायिक जिला बना हुआ है, लेकिन वर्ली एक प्रभावशाली विकल्प के रूप में उभर रहा है। यह दक्षिण मुंबई के स्थापित कारोबारी समुदाय के निकट होने के साथ-साथ एयरपोर्ट और पश्चिमी उपनगरों तक बेहतर होती कनेक्टिविटी का लाभ भी प्रदान करता है।
बीकेसी का दो दशकों तक मुंबई के ऑफिस रेंटल बाजार का सबसे ऊँचा मानक रहा। लेकिन अब यह स्थिति बदल रही है। वर्ली-प्रभादेवी कॉरिडोर ने बीकेसी के साथ किराए का अधिकांश अंतर कम कर दिया है और अब यह वैश्विक वित्तीय संस्थानों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों तथा नए दौर की अर्थव्यवस्था से जुड़ी कंपनियों को लंबी अवधि के लीज़ पर आकर्षित कर रहा है। सम्पत्ति पंजीयन कार्यालय के विलेखों के अनुसार अप्रैल 2026 में नोमुरा ने वर्ली स्थित अल्टिमस की 26वीं और 27वीं मंजिल पर जगह ली। यह सौदा 10 साल की लीज़ पर हुआ, जिसमें चार्जेबल एरिया के आधार पर किराया लगभग 435 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह था, जो कारपेट एरिया के आधार पर लगभग 725 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह बैठता है। इसमें हर साल 5 प्रतिशत किराया वृद्धि का प्रावधान भी शामिल है।
वर्तमान में वर्ली में ग्रेड ए ऑफिस की जगह का किराया कारपेट एरिया के आधार पर 456- 661 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह तक पहुँच चुका है जो बीकेसी की380 से 608 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर के स्तर पर है और कई मामलों में उससे भी अधिक है।
मुंबई के ऑफिस बाजार में मांग का परिदृश्य भी बेहद मजबूत बना हुआ है। 2026 की पहली छमाही में मुंबई में 58.8 लाख वर्ग फुट ऑफिस की जगह किराये पर ली गयी , जो अब तक का रिकॉर्ड है। इसमें पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 17.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
शहर में ऑफिस स्पेस की कुल रिक्तता दर घटकर 10.8 प्रतिशत रह गई है, जो इस शहर के लिए पिछले 16 वर्षों का सबसे निचला स्तर है। यह लगभग 15 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से भी काफी कम है। वर्ली-प्रभादेवी माइक्रो-मार्केट में रिक्तता दर घटकर केवल 8 प्रतिशत रह गई।

