लाहौर, पाकिस्तान के लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ सदस्य चौधरी मोहम्मद सरवर की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। वह मरकज कुदेसिया की चौथी मंजिल से गिरा था।
पाकिस्तान के लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ सदस्य चौधरी मोहम्मद सरवर उर्फ अबू हाशिम की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रविवार को वह मरकज कुदेसिया की चौथी मंजिल से गिर गया था। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत होने की खबर है। हालांकि, उसकी मौत की सही वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। सरवर लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्यों में शामिल था। वह संगठन के लिए फंड जुटाने और वित्तीय गतिविधियों को संभालने का काम करता था। उसे हाफिज सईद और संगठन के मौजूदा डिप्टी चीफ सैफुल्ला कसूरी का करीबी सहयोगी बताया जाता था।
US ने 2016 में घोषित किया था आतंकवादी
अमेरिका के वित्त विभाग ने 2016 में सरवर को आतंकवादी घोषित किया था। उस समय वह लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख था। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, वह संगठन में लंबे समय से सक्रिय था और उसके वरिष्ठ नेताओं के साथ करीबी संबंध थे।
अमेरिका ने सरवर और लश्कर के एक अन्य वरिष्ठ सदस्य शाहिद महमूद पर कार्रवाई करते हुए उनकी अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में आने वाली संपत्तियों को प्रतिबंधित कर दिया था। इस कदम का उद्देश्य संगठन के फंडिंग नेटवर्क को कमजोर करना था।
हाफिज सईद का करीबी था सरवर
सरवर पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) की पंजाब इकाई का अध्यक्ष भी था। इस संगठन को जमात-उद-दावा की राजनीतिक शाखा माना जाता है। पीएमएमएल के एक प्रवक्ता ने उसकी मौत की पुष्टि की। संगठन के मुताबिक, सरवर नमाज पढ़ने के लिए घर से मस्जिद जा रहा था, तभी वह गिर पड़ा। हालांकि, संगठन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। मीडिया रिपोर्टों में चौथी मंजिल से गिरने और सिर में चोट लगने की बात कही गई है।
मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद के बारे में अधिकारियों का कहना है कि वह 2019 से लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। उसे आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े मामलों में सजा सुनाई गई थी। सरवर की मौत ने पाकिस्तान में पहले हुई एक ऐसी ही घटना की याद दिला दी है। 2016 में जाली करेंसी के सरगना जावेद खनानी की भी कराची में एक निर्माणाधीन इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी।
