इंदौर: शहर में बढ़ते वाहनों की संख्या के मुकाबले यातायात व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है. कई प्रमुख मार्गों पर जाम के हालात बन रहे हैं. अब इस समस्या का असर संजय सेतु और जीवन सेतु चौराहा पर भी देखने को मिल रहा है.शहर में फ्लाईओवर बनने के बावजूद यातायात की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार इंदौर में लगभग 32.95 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं. वर्ष 2025 में ही करीब 1.98 लाख नए वाहनों का पंजीयन हुआ. ऐसे में हर चौराहे पर फ्लाईओवर बनाना संभव नहीं है. इसलिए यातायात पुलिस और नगर निगम को संयुक्त योजना बनानी होगी.
जवाहर मार्ग पर संजय सेतु और जीवन सेतु मार्ग को जोड़ने वाले चौराहे पर अब जाम आम हो गया है. साउथ तोड़ा क्षेत्र में निर्मित नए मार्ग जीवन सेतु पर भी वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं. कलेक्टर कार्यालय क्षेत्र, राजवाड़ा, रानीपुरा, नगर निगम चौराहा, सरवटे बस स्टैंड, ग्वालटोली और गीताभवन की ओर से आने वाला यातायात इस चौराहों पर दबाव बढ़ा रहा है. जीवन सेतु चौराहे पर सिग्नल लगाने के बावजूद करीब 50 मीटर दूर नंदलालपुरा चौराहे पर यातायात रुकते ही दोनों चौराहों पर जाम लग जाता है. इसमें स्कूल बसें और आपातकालीन वाहन भी फंसते हैं. अब जरूरत है कि दोनों चौराहों के सिग्नल यातायात संचालन और मार्गों की क्षमता की समीक्षा कर ठोस समाधान निकाला जाए.
यह बोले रहवासी और आम नागरिक…
रोजाना जाम में काफी समय बर्बाद होता है. व्यस्त और मुख्य मार्ग है, इसके अलावा दूसरा विकल्प नहीं है. प्रशासन को जवाहर मार्ग पर यातायात का दबाव देखकर स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए.
– शब्बीर अली, स्थानीय रहवासी
बढ़ती वाहनों की संख्या के कारण सिग्नल होने के बावजूद जाम खत्म नहीं होता. दोनों चौराहों के बीच तालमेल और यातायात कर्मियों की तैनाती होने पर भी समस्या बनी हुई है.
– संतोष सांठिया, ऑटो चालक
सैकड़ों कॉलोनियां इस व्यस्त मार्ग से जुड़ी हुई हैं. जाम में स्कूल बसों और एम्बुलेंस के फंसने से परेशानी बढ़ती है. प्रशासन को आम लोगों की सुविधा के लिए जल्द कदम उठाने चाहिए.
– विनीत यादव, आम नागरिक
