
उज्जैन। सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती तेज कर दी है। इसी क्रम में रविवार को नगर निगम की टीम ने सिंहस्थ क्षेत्र स्थित महासिद्ध आश्रम के अवैध निर्माण पर कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। इस कार्रवाई के जरिए नगर निगम ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सिंहस्थ क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
महाकाल की नगरी उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व 2028 को लेकर बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके लिए जमीन की भी आवश्यकता पड़ रही है.शहर में लगभग 30 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों की योजना के तहत आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सडक़ों के निर्माण, यातायात व्यवस्था में सुधार और शहर के सौंदर्यीकरण पर जोर दिया जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासन का उद्देश्य सिंहस्थ क्षेत्र में अनियोजित निर्माण और अतिक्रमण पर रोक लगाकर मेला आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है।
ऐसे में संबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का नया निर्माण शुरू करने से पहले नगर निगम से नियमानुसार अनुमति लेना आवश्यक होगा। महासिद्ध आश्रम पर हुई बुलडोजर कार्रवाई उन लोगों के लिए भी चेतावनी है, जो नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य कर रहे हैं। सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर मेला क्षेत्र में भूमि का सुनियोजित उपयोग, पर्याप्त स्थान की उपलब्धता और श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए बेहतर व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। नगर निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बिना अनुमति किए गए निर्माण और अतिक्रमण सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सिंहस्थ की तैयारियों के बीच आने वाले समय में भी ऐसे निर्माणों की जांच और अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहने की संभावना है।
भूमि अधिग्रहण भी जारी
इन विकास कार्यों के लिए जमीन की आवश्यकता को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी की जा रही है। वहीं, सिंहस्थ मेला क्षेत्र को व्यवस्थित बनाने और आवश्यक स्थान उपलब्ध कराने के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। वहीं प्रशासन की निगरानी उन लोगों पर भी है, जो बिना अनुमति भवन निर्माण, होटल निर्माण या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। रविवार को महासिद्ध आश्रम पर हुई कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा है।
